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टि्वशा केस: 16 जून तक ‘न्यायिक हिरासत’ में भेजे गए समर्थ और गिरिबाला सिंह

Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। पति और सास को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.....

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Twisha sharma

Twisha sharma (Photo Source - Patrika)

Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार सीबीआई जांच कर रही है। आज टि्वशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अब सीबीआई ने उनकी रिमांड नहीं मांगी है। दोनों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर टि्वशा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी दिल्ली एम्स ने सीबीआई को सौंप दी है।

सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली है कि कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। सुनवाई के दौरान गिरिबाला ने आरोप लगाया कि ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की थी। इस पर अनुराग श्रीवास्तव ने जवाब देते हुए कहा कि जबलपुर कोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अगर ऐसा हुआ है, तो कोर्ट की फुटेज निकलवाकर जांच कर ली जाए। अनुराग श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि समर्थ को बताना चाहिए कि वह जबलपुर कोर्ट में कहां छिपे थे। उन्होंने कहा कि कोर्ट भी इस सवाल का जवाब देगा।

मीडिया ट्रायल बंद हो, हमारी जान को खतरा

कोर्ट रूम में गिरिबाला ने मांग की है कि मीडिया ट्रायल बंद हो। हम जहां जा रहे हैं, वहां मीडिया आ रही है। उसे बंद किया जाए। इस दौरान उन्होंने हमारी जान को खतरा बताया है।

सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया

कोर्ट में मामले की जांच के दौरान आरोपी समर्थ और उसकी मां, पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। सीबीआई दोनों के बयानों का उपलब्ध सबूतों से मिलान कर रही है। सोमवार दोपहर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन भी कराया गया। जब्त सबूतों की जांच जारी है।

सामने आई बड़ी लापरवाही

जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि जिस बेल्ट से टि्वशा लटकी मिली थीउसे घटना के बाद नियमानुसार सुरक्षित नहीं किया गया। जांच में पता चला है कि घटनास्थल से बरामद लिगेचर बेल्ट को फोरेंसिक प्रक्रिया के तहत तुरंत जमा कराने के बजाय जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा करीब दो दिन तक अपनी कार में रखे रहे। बाद में सवाल उठने पर इसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया।

इन एंगल से जांच कर रही सीबीआई

डिजिटल और फॉरेंसिक एंगल
क्राइम सीन रीक्रिएशन
बयानों में विरोधाभास
डिलीट डेटा और गायब सिम कार्ड
आर्थिक और परिवारिक विवाद