
भोपाल। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा अपने जमीनी कार्यकर्ताओं की पत्नी को टिकट दे सकती है. इसके लिए परिवारवाद को लेकर लागू प्रतिबंधों को कुछ शिथिल किया जाएगा। हालांकि पार्टी केवल उस स्थिति में ही यह छूट देगी जब महिलाओं के आरक्षित निकाय में योग्य महिला कार्यकर्ता नहीं मिल पा रही हो. पार्टी के पास यदि जीतने लायक प्रत्याशी का अभाव होगा तो इस स्थिति में परिवारवाद की नीति में आंशिक छूट देकर पार्टी कार्यकर्ता की पत्नी को टिकट दिया जा सकता है। भाजपा संगठन फिलहाल इस बात पर विचार कर रहा है। पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में इसपर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा चुनावों में परिवारवाद पर रोक लगाने की बात कह चुके हैं- गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा चुनावों में परिवारवाद पर रोक लगाने की बात कह चुके हैं। पीएम और अध्यक्ष के बयानों के बाद पार्टी लाइन से हटना बेहद कठिन है पर निकाय चुनावों में परिवारवाद पर कुछ शिथिलता जरूर मिल सकती है. गुरूवार को होेने वाली भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में इस मामले में अंतिम फैसला लिया जाएगा. कोर ग्रुप की बैठक में प्रदेश प्रभारी पी मुरलीधर राव के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व नरेन्द्र सिंह तोमर भी शामिल होंगे।
कई निकायों में संबंधित वर्ग की महिला कार्यकर्ता नहीं होने की बात सामने आ रही है-जानकारी के अनुसार कई निकायों में संबंधित वर्ग की महिला कार्यकर्ता नहीं होने की बात सामने आ रही है. ऐसी स्थिति में पार्टी इन स्थानों पर अपने मंडल अध्यक्षों या किसी भी जमीनी कार्यकर्ता की पत्नी को टिकट दे सकती है। ऐसे मामले में पार्टी के सामने अन्य कोई विकल्प भी नहीं है। कोर ग्रुप की इस बैठक में जिला एवं संभाग स्तरीय चुनाव समिति के गठन पर भी निर्णय लिया जाएगा। गठन के बाद कोर ग्रुप के यह दूसरी बैठक होगी।