
पेंशन योजना (फोटो आईएएनएस)
Pension : मध्यप्रदेश में लाखों पेंशनर्स परेशान हैं। उन्हें पेंशन के रूप में कम राशि मिल रही है। पेंशनर्स का जीवन यापन तक नहीं हो पा रहा है। पेंशन राशि में वृद्धि के लिए हर उपाय किए गए। केंद्रीय श्रम मंत्री ने तो स्पष्ट आश्वासन भी दिया हालांकि बाद में कोई कदम नहीं उठाया। अब राजधानी भोपाल में इसके लिए आवाज बुलंद की गई है। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने इस मुद्दे पर संघर्ष की बात कही है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि करीब 37 लाख पेंशनर्स को तो 1 हजार रुपए से भी कम मिल रहे हैं। ऐसे ज्यादातर पेंशनर्स ने 3 से 4 दशक तक शासन को अपनी सेवाएं दी हैं। बुरी बात तो यह है कि अनेक जनप्रतिनिधियों को पेंशन के रूप में उनसे कई गुना राशि दी जा रही है।
पेंशन और सुविधाओं के नजरिए से बुजुर्ग पेंशनर्स की स्थिति को लेकर उनमें असंतोष बढ़ रहा है। विशेषकर जनप्रतिनिधियों की तुलना में कम राशि से वे अपना गुस्सा खुलकर जताने लगे हैं। पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि 30-40 साल की नौकरी के बाद भी गुजारे लायक राशि भी नहीं दी जा रही। हाल ये है कि 60 प्रतिशत पेंशनर्स को लाड़ली बहनों से कम राशि मिल रही है।
इक्यासी लाख ईपीएस-95 पेंशनर्स न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। पेंशनर्स का कहना है कि उन्होंने 30 से 40 साल तक पूरे समर्पण भाव के साथ सरकार की नौकरी की। इसके बाद भी उन्हें इतनी कम पेंशन मिल रही है कि सम्मानजनक जीवन जीना मुश्किल हो गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली पेंशन और सुविधाओं की तुलना में बुजुर्ग पेंशनर्स की स्थिति को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शशिभान सिंह भदौरिया के अनुसार 60 प्रतिशत पेंशनर्स को लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपए की मासिक राशि से भी कम पेंशन मिल रही है। वहीं, लगभग 36.82 लाख पेंशनर्स को 1000 रुपए से कम मासिक पेंशन मिलती है।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री की ओर से पेंशन वृद्धि के आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक राहत नहीं मिली है।
Updated on:
17 Oct 2026 07:43 am
Published on:
17 Oct 2026 07:43 am
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