भोपाल

अमित शाह ने शिवराज सिंह को सौंपी अपनी ‘कुर्सी’, अब भाजपा के मिशन को आगे बढ़ाएंगे चौहान

शिवराज सिंह चौहान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। शिवराज सिंह लगातार करीब 13 साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार हुई है।
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Jun 18, 2019
Shivraj singh
अमित शाह ने शिवराज सिंह को सौंपी अपनी 'कुर्सी', अब भाजपा के मिशन को आगे बढ़ाएंगे चौहान

भोपाल. मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भाजपा के सदस्यता अभियान के प्रभारी के रूप में अपना कार्यभार संभाला। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राजधानी नई दिल्ली में सदस्यता अभियान-2019 के सभी पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया व अभियान के कार्यालय का उद्घाटन किया। शिवराज सिंह चौहान से पहले खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भाजपा के सदस्यता अभिनायन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे लेकिन पीएम मोदी की कैबिनेट में शामिल होने के बाद शाह ने अपनी जिम्मेदारी अब शिवराज सिंह चौहान को सौंप दी है।

शाह ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शिवराज सिंह चौहान को भाजपा के सदस्यता अभियान का राष्ट्रीय प्रभारी नियुक्त किया है। भाजपा 6 जुलाई से देशभर में सदस्यता अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत देश भर में करीब दो करोड़ से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पार्टी के साथ जोड़ा जाएगा।

शिवराज ने ट्वीट कर दी जानकारी
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नई दिल्ली में संगठन पर्व सदस्यता अभियान-2019 के सभी पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया व अभियान के कार्यालय का उद्घाटन किया। भाजपा के कार्यकर्ता ही इसकी नींव हैं, जिनके सहयोग से हम पार्टी को मज़बूती देकर नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा की हार के बाद अमित शाह ने शिवराज सिंह चौहान पर भरोसा करते हुए उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया था।

भाजपा के मिशन को आगे बढ़ाएंगे शिवराज
शिवराज ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- मोदी सरकार का मूलमंत्र सबका साथ और सबका विकास है। जबकि भाजपा का मूलमंत्र - सर्व स्पर्शी बीजेपी और सर्व व्यापी बीजेपी है। इस सदस्यता अभियान में कोई बूथ शेष नहीं रहेगा। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, कश्मीर घाटी, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, सिक्किम,आदि राज्यों पर विशेष फोकस रहेगा।

Published on:
18 Jun 2019 11:50 am