- कैसे दूर हो कंगाली? - नगर निगम की वसूली की स्थिति, 30 करोड़ का लक्ष्य तय था, 13 करोड़ रुपए ही वसूल पाए
भोपाल। नगर निगम को अपनी कंगाली दूर करने लोक अदालत से उम्मीद थी, लेकिन ये भी कारगर साबित नहीं हुई। इसे कमजोर टीम का नतीजा कहें या कुछ और, 30 करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य तय था, लेकिन 13 करोड़ की ही वसूली हो पाई। ये 50 फीसदी से भी काफी कम रही।
ऐसे समझे स्थिति
जोन- लक्ष्य- वास्तविक वसूली
1- 1.75 करोड़- 64.46 लाख
2- 2.25 करोड़- 97.01 लाख
3- 40 लाख - 19.56 लाख
4. 60 लाख - 30.15 लाख
5- 1.50 करोड़- 38.72 लाख
6- 1.25 करोड़- 41.78 लाख
7- 1.75 करोड़- 55.11 लाख
8- 1.75 करोड़- 53.81 लाख
9- 2.25 करोड़- 1.32 करोड़
10- 75 लाख - 35.64 लाख
11- 80 लाख- 26.54 लाख
12- 70 लाख- 42.49 लाख
13- 2.60 करोड़ - 1.47 करोड़
14- 1.35 करोड़ - 61.57 लाख
15- 1.75 करोड़ - 92.52 लाख
16- 1.75 करोड़ - 1.11 करोड़
17- 1.90 करोड़ - 54.70 लाख
18- 2.75 करोड़ - 1.46 करोड़
19- 2.20 करोड़ - 66.57 लाख
नोट- राशि रुपए में। लक्ष्य कुल 30.05 करोड़ रुपए, वसूली 13.15 करोड़ रुपए हुई।
सिर्फ चार जोन ही करोड़ के पार
वसूली के मामले में सिर्फ चार जोन ही एक करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर पाएं हैं। इसमें जोन क्रमांक नौ ने 1.32 करोड़ रुपए की वसूली की तो जोन 13 करीब डेढ़ करोड़ रुपए की वसूली करने में सफल हुआ। जोन 16 ले 1.11 करोड़ रुपए तो जोन 18 ने 1.46 करोड़ रुपए की वसूली की। तय लक्ष्यों में सबसे अधिक वसूली जोन 13 ने ही की है।
कमजोर टीम से वसूली प्रभावित
- नगर निगम के 19 जोन व 85 वार्डों में 70 फीसदी अक्षम कर्मचारियों-अधिकारियों के सुपूर्द है।
- वार्ड का जिम्मा संभालने वाले 60 फीसदी से अधिक की योग्यता तृतीय श्रेणी या इससे कमतर है। जोन में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है।
- बड़े बकायादारों से वसूली करने टीम तक नहीं है
- कुछ जोन को छोड़ दें तो बाकी में बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता रखने वाले कर्मचारी अधिकारी नहीं है।
- निगम की राजस्व शाखा में सक्षम लोगों की टीम नहीं है।
अनुभवी कर्मचारी से ही बढ़ेगी वसूली
एक्टिविस्ट नितिन सक्सेना का कहना है कि जोन व वार्ड का प्रबंधन अनुभवी व वसूली में दक्ष लोगों को देने की बात हुई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया जा सका। निगम प्रशासन की राजस्व शाखा के प्रबंधन में बदलाव की जरूरत है, ताकि शहर के बड़े रसूखदारों से वसूली हो पाए।
निगम को राजस्व वसूली पर अधिक फोकस करना चाहिए। कई संस्थान टैक्स नहीं दे रहे। इनपर कार्रवाई की जरूरत है। निगम को खुद की कमाई बढ़ाना ही होगी।
- आलोक शर्मा, महापौर