एनजीटी की लताड़ के बाद भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक लेकर संबंधित 692 स्थानों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ग्रीन बेल्ट एरिया में लगातार जारी अतिक्रमण के चलते हो रही बर्बादी को लेकर एनजीटी द्वारा लगाई गई फटकार के बाद अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बता दें कि तीन महीने पहले एनजीटी ने जिला प्रशासन को लताड़ लगाई थी, जिसपर अमल करते हुए भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने एनजीटी द्वारा बताए गए शहर के ग्रीन बेल्ट जोन के अतिक्रमण को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में शहर के भीतर बड़े पैनामे पर अतिक्रमण रोधी कार्रवाई की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।
बैठक के दौरान कुछ अहम फैसले लिए गए हैं। इसके तहत शहर के 692 लोकेशन से अतिक्रमण रोधी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में ग्रीन बेल्ट एरिया में सर्वाधिक अतिक्रमण की लोकेशन को अफसरों द्वारा साझा की गई है। इनमें मुख्य रूप से शहर के अयोध्या नगर बायपास, नीलबड़ से मुगालिया छाप, पटेल नगर बायपास से 11 मील रोड, करोंद बायपास रोड भानपुरा चौराहा से आशाराम बापू चौराहा पर हजारों की संख्या में हुए अतिक्रमणों को जल्द ही हटाया जाएगा।
कलियासोत पर ले चुका है NGT बड़ा फैसला
ये भी बता दें कि, भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह की इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएफओ, नगर निगम, जिला प्रशासन, वन विभाग, पीडब्ल्यूडी, सीपीए समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद थे। याद हो कि अभी तीन महीने पहले ही एनजीटी ने कलियासोत नदी के संरक्षण को लेकर भी ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। बैठक में नदी किनारे 100 फीट तक के इलाके को नो-कंस्ट्रक्शन जोन बनाने के आदेश दिए थे। इसके लिए सरकार को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया था।
कमर्शियल निर्माण में पार्किंग व्यवस्था के निरीक्षण का आदेश
बैठक के दौरान कलेक्टर आशीष सिंह ने नगर निगम अफसरों को निर्देश दिए कि पिछले पांच साल में उनके द्वारा कमर्शियल निर्माण की जितनी भी अनुमतियां दी गई हैं और जितनी भविष्य में दी जानी हैं उनमें पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण करें और ये सुनिश्चित करें कि पार्किंग का इस्तेमाल सिर्फ पार्किंग के लिए किया जा रहा है या किसी अन्य काम में। साथ ही इसपर भी गौर करें कि सभी कमर्शियल निर्माणों को पार्किंग प्रोविजन अनिवार्य है। इसी के बाद आवेदक को बिल्डिंग परमिशन की अनुमति दी जाए। वहीं, नियम न मानने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें।