भोपाल

कैल्शियम की कमी होने से पहले शरीर देने लगता है ये संकेत, पहचान कर करें उपचार

कैल्शियम की कमी शरीर को कमजोर कर देती है, जिससे वो आसानी से किसी भी बीमारी का शिकार हो जाता है।
2 min read
• •
Updated: 26 Feb 2020, 6:06 PM IST
health news
कैल्शियम की कमी होने से पहले शरीर देने लगता है ये संकेत, पहचान कर करें उपचार

भोपाल/ शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए हर तरह के पौषक तत्वों की अहम भूमिका होती है। इसमें शरीर को मजबूती प्रदान करने में कैल्शियम का भी बड़ा योगदान होता है। कैल्शियम की कमी शरीर को कमजोर कर देती है, जिससे वो आसानी से किसी भी बीमारी का शिकार हो जाता है। आजकल महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी कैल्शियम की कमी की समस्याएं काफी तेज़ी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे कारण है बिगड़ती दिनचर्या और बदलता खान-पान। कई लोग काम की भागदोड़ के चलते अपने शरीर का पर खास ध्यान नही दे पाते। जिसके चलते कैल्शियम की कमी शरीर में उत्पन्न हो जाती है।


पीड़ित समझ नहीं पाता और होता है परेशान

वैसे, ज्यादातर स्थितियों में कैल्सियम की कमी होने का पता ही नहीं लग पाता, जिसके कारण पीड़ित कई और समस्याओं का निदान कराने की दवाइयां खाते रहता है। लेकिन, समस्या जस की तस ही बनी रहती है और पीड़ित धीरे धीरे कई और बीमारियों में जकड़ता जाता है। इसलिए आज हम आपको उन संकेतों के बारे में बताएंगे, जो शरीर में कैल्शियम की कमी होने से ठीक पहले दिखाई देने लगते हैं। ऐसे संकेत अगर आपको या आपके आसपास किसी भी व्यक्ति में दिखें, तो तुरंत ही उसे चिकित्सक से परामर्श करके शरीर में कैल्शियम की पूर्ति करने योग्य दवाई लें। ऐसा करने पर आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।


कैल्शियम की कमी के संकेत

-इस गंभीर समस्या की शुरुआत होने पर कमजोरी और थकान बढ़ने लगती है। कुछ काम में मन लगता ही नहीं है, साथ ही थोड़ा सा भी काम करने पर हड्डियों में दर्द होने लगता है।


ये हैं कारगर उपाय

जो लोग ये सोचते हैं कि उनके शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं सकती है, तो यह गलत है। केवल बूढ़े ही नहीं बल्‍कि हर उम्र के लोगों को भी कैल्शियम की कमी होती है।कैल्‍शियम की कमी का पता लगाने के लिए खून की जांच करवाएं और डॉक्‍टर द्वारा लिखें गए अन्‍य लैब टेस्‍ट करवाएं।


कैल्शियम की पूर्ती करते हैं ये खाद्द पर्दाथ


-डेरी प्रोडक्ट

दूध, पनीर, दही।


-सब्जियां

ब्रोकोली, काले चने और भिंडी, हरी पत्तेदार सब्जियां।


-मेवे

मुनक्का, किशमिश, बादाम, पिस्ता, अखरोट, तरबूज के बीज, कद्दूब के बीज।


-फल

संतरा, पाइनापल, केला, एवोकाडो, कीवी, अंजीर, खजूर, शहतूत आदि फलों का सेवन। साथ ही, पीड़ित को पर्याप्त मात्रा में धूप लेनी चाहिए।

Published on: