मध्यप्रदेश में करीब 3700 करोड़ रुपए की लागत से हजारों किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा रही है.
भोपाल. मध्यप्रदेश में करीब 3700 करोड़ रुपए की लागत से हजारों किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा रही है, इन सड़कों को पांच से दस मीटर किया जा रहा है, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, इन चकाचक सड़कों पर वाहन सरपट दौड़ते नजर आएंगे, जिसमें कारें 180 की स्पीड से भी दौड़ सकेंगी।
नसरुल्लागंज-रेहटी बुदनी सहित प्रदेश की 13 सड़कों से निकलने वाहन चालकों को टोल टैक्स देना पड़ेगा। सड़कों का चौड़ीकरण कर टू लेन बनाया जाएगा। यानी सात से दस मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। फिलहाल चौड़ाई पांच मीटर के करीब है। नेशनल हाइवे की इन सड़कों पर एक वर्ष से ट्रैफिक बढ़ रहा है। इन सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 3700 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं।
सड़कों के चौड़ीकरण के लिए सरकार को भूमि अधिग्रहण नहीं करना होगा। सड़कों के दोनों तरफ फोरलेन बनाने के हिसाब से सरकारी जमीन है। हालांकि कई जगह कब्जे भी हैं। हटाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है। सड़कों की डीपीआर भी बना ली गई है।
ऐसा रहेगा गणित
इन सड़कों पर हर पचास किमी पर टोल लगाया जाएगा। इनसे जुड़ी जिन सड़कों पर पहले से टोल है, वहां इन सड़कों की लंबाई को जोड़ते हुए टोल टैक्स वसूला जाएगा। टोल शुल्क को बराबर करने निर्माण कार्य नेशनल हाइवे करेगा। निर्माण के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया जाएगा। इन सड़कों के साथ में कुछ बायपास भी बनाए जाएंगे।