भोपाल

सड़कों पर मवेशियों का डेरा, हादसे की बन रहे वजह

आवारा मवेशी बने कोलार के लिए आफत
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Updated: 28 Jul 2018, 4:39 PM IST
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सड़कों पर मवेशियों का डेरा

भोपाल /कोलार. बारिश शुरू होते ही शहर भर में मुख्य मार्ग पर बैठे मवेशी रहवासियों के लिए आफत बनते जा रहे हैं। बदहाल सड़कों पर किसी तरह वाहन चालक हिचकोले खाते अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं, ऐसे में मुख्य मार्ग पर बैठे मवेशियों के कारण यहां आए दिन हादसों के हालात बन रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने एवं इन्हें कांजी हाउस तक पहुंचाने का जिम्मा संभालने वाले नगर निगम खुद संसाधनों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है राजधानी की सड़कों से मवेशियों को पकडऩे और कांजी हाउस तक पहुंचाने के लिए नगर निगम के गोवर्धन परियोजना के पास महज चार कैटल कैचर वाहन हैं, जबकि 20 कर्मचारियों का अमला इन्हें सौंपा गया है। लिहाजा इसके परिणामस्वरूप शहर की सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी पूरे समय बनी रहती है। नगर निगम की कार्रवाई पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि नगर निगम रोजाना बमुश्किल सौ मवेशियों को ही पकड़कर कांजी हाउस तक पहुंचा पा रहा है। कमोबेश यही स्थिति आवारा श्वान के मामले में है। इन्हें पकडऩे के लिए नगर निगम के पास सिर्फ एक ही वाहन है।


आबादी के मुताबिक नहीं हैं संसाधन

राजधानी के 85 वार्डों में तकरीबन 25 लाख से अधिक आबादी निवासरत है। इनमें से कोलार क्षेत्र में मवेशियों की संख्या सैकड़ों में हैं। इन मवेशियों को पकडऩे के लिए नगर निगम के गोवर्धन परियोजना विभाग के पास महज पांच कैटल कैचर वाहन हैं, जो नाकाफी हैं। हालात ये हैं कि शिकायत मिलने पर ही संबंधित क्षेत्रों में मवेशियों की धरपकड़ की जाती है।

मवेशी बन रहे हादसों की वजह

शहर में बढ़ रही मवेशियों की संख्या पर अंकुश लगाने में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में इसका खामियाजा कोलार से गुजरने वाले वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। इसके अलावा शहर में आवारा श्वानों का आतंक भी बढ़ रहा है।


कोलार में नहीं है कांजी हाउस
सदर मंजिल में संचालित हो रहे कांजी हाउस में रहवासियों द्वारा सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की सूचना मिलने के बाद कोलार में कैटल केचर वाहन भेजे जाते हैं। कोलार में कांजी हाउस न होने के कारण निगम अमले द्वारा पकड़े गए आवारा मवेशियों को गांधी नगर, नबी बाग, अन्ना नगर, खजूरी, मिसरोद, शाहजहांनाबाद एवं आनंद नगर में कांजी हाउस में भेजा जाता है। इन सभी जगह मवेशियों को रखने के लिए स्थान कम है।


बन रहे जाम के हालात
रहवासियों द्वारा सदर मंजिल स्थित कार्यालय पर सूचना देने के बाद यहां से कोलार के लिए कैटल केचर वाहन रवाना किए जाते हैं। लेकिन मुख्य मार्ग पर वाहनों के दबाव के कारण, यह वाहन कई बार कोलार करीब 2 घंटे की देरी से पहुंचते हैं। जिससे कोलार में आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या बनती रहती है। निगम अमले द्वारा पकड़े गए आवारा मवेशियों को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कांजी हाउस पहुंचाया जाता है।

नए वाहनों के लिए नगर निगम को फाइल भेजी है। बजट मंजूर होते ही नऐ वाहन खरीदे जाएंगे, साथ ही भविष्य में कोलार में कांजी हॉउस के निर्माण पर विचार किया जाएगा।
एमपी सिंह, अपर आयुक्त, गोवर्धन परियाजोजना नगर निगम

खास खास

-कोलार में नहीं है एक भी कांजी हाउस, शिकायत करने पर समय पर नहीं पहुंचती नगर निगम की टीम

-मवेशी पकड़ऩे के लिए है पूरे भोपाल में पांच गाड़ी,
- दो गाडिय़ों की हँ आवश्यकता
- 50 से अधिक आते है कॉल
- 19 जोन में बटा है शहर
- 4 जोन के लिए सिर्फ एक गाड़ी
- एक जोन में आते है या 4 वार्ड
- स्टॉप की कमी से जूझ रहा है गोवर्धन परियोजना विभाग
- कोलार और रातीबढ़ में है काजी हाउस की आवश्यकता
-सड़कों पर बना रखा है अपना ठिकाना, हादसों की बनी रहती है आशंका
-आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मवेशियों को छोड़ दिया जाता है बारिश में खुला

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