भोपाल

अलर्ट! फिर फैला खतरनाक रोग, एक माह में ही सामने आ गए 32 मरीज

अब तक कुल 87 मरीज मिले, राजधानी में डेंगू के साथ चिकनगुनिया के भी केस बढ़े  
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Jun 02, 2023
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अब तक कुल 87 मरीज मिले

भोपाल. एमपी में बमुश्किल कोरोना से मुक्ति मिली कि नई मुसीबत शुरु हो गई। कोरोना के बाद पुराने खतरनाक रोग उभरने लगे हैं। राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के केस सामने आने लगे हैं। मई माह की शुरुआत से डेंगू के मामले बढऩे शुरू हो गए हैं। सालभर में कुल मामलों के 40 फीसदी से ज्यादा केस मई माह में सामने आए हैं। इस साल की शुरुआत से अब तक 87 डेंगू के मामले सामने आए हैं।

इस साल चिकनगुनिया के कुल मामलों की संख्या 32 हो गई- डेंगू के 38 मामले मई माह में ही सामने आए हैं। वहीं 10 दिन में डेंगू के 14 और चिकनगुनिया के 7 केस मिले हैं। इसके साथ जिले में इस साल चिकनगुनिया के कुल मामलों की संख्या 32 हो गई है। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में गंबूशिया मछली वहां के तालाबों में छोड़ी जा रहीं हैं।

जिन क्षेत्रों से आ रहे केस वहां हो रही निगरानी
कटारा हिल्स, कोलार, जेके रोड व साकेत नगर में ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसलिए इस बार इन क्षेत्रों में निगरानी भी ज्यादा की जा रही है। गुरुवार को मलेरिया विभाग की 44 टीमों ने 13 सौ घरों का लार्वा सर्वे किया जिसमें से 47 घरों में लार्वा पाया गया है।

साधारण बुखार और डेंगू के लक्षण में अंतर कठिन
सामान्य बुखार और डेंगू के लक्षण में अंतर करना बहुत कठिन है। डेंगू viral fever है जो मादा मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छर काटने के 3 से 4 दिन बाद डेंगू के लक्षण नज़र आने लगते हैं। डॉक्टर्स कहते हैं कि डेंगू होने पर घबराने की बजाए अच्छे डॉक्टर से परामर्श लें। नज़र धुंधली होने या रक्तस्राव होने पर डॉक्टर से तुरंत परामर्श करना चाहिए।

डेंगू के लक्षण
तेज़ बुखार आना डेंगू का सबसे प्रमुख लक्षण है। 102-103º F तक बुखार आ जाता है।
जोड़ों और हड्डियों में तेज दर्द होता है।
जी मिचलाना या घबराहट महसूस होती है।
छोटे लाल चकत्ते या रैशेस हो जाते हैं।

Published on:
02 Jun 2023 11:01 am