
Eye drops: एक्सपायर्ड ड्रॉप सबसे बड़ा खतरा (Photo Source- freepik)
Shocking research: आंखों में खुजली, लालपन, जलन या पानी आने जैसी मामूली परेशानी को लोग अक्सर नजरअंदाज कर मेडिकल स्टोर से सीधे आई ड्रॉप खरीद लेते हैं। ये लापरवाही आपकी रोशनी छीन सकती है। एमपी के भोपाल शहर आधारित एक शोध में सामने आया है कि हर चौथा व्यक्ति बिना नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर रहा है। शोध के अनुसार 26.4 प्रतिशत लोग बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप का उपयोग कर रहे हैं। बिना पर्चे के इस्तेमाल हो रही हर चौथी आई ड्रॉप में स्टेरॉयड मिला, जो लंबे समय तक उपयोग करने पर दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।
शोधकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों के पास मौजूद आई ड्रॉप की जांच की। इसमें 26.5% आई ड्रॉप स्टेरॉयड युक्त मिलीं। वहीं 21.1 प्रतिशत दवाएं एक्सपायर्ड या बिना लेबल की थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच स्टेरॉयड ड्रॉप का इस्तेमाल आंखों की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है और कई मामलों में रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है।
शोध में यह भी सामने आया कि 25.7 प्रतिशत लोग आंखों में काजल, शहद, घी और गुलाब जल जैसे घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। इनमें सबसे अधिक काजल (61.4%) और शहद (31.4%) का उपयोग किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, ये चीजें आंखों में गंभीर संक्रमण और कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
26.4 प्रतिशत लोग बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप इस्तेमाल कर रहे हैं।
26.5 प्रतिशत आई ड्रॉप में स्टेरॉयड मिला।
21.1 दवाएं एक्सपायर्ड या बिना लेबल की मिलीं।
25.7 लोग शहद, घी और काजल जैसे घरेलू नुस्खे आंखों में लगा रहे।
-आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट पहले पता कर लें।
-आई ड्रॉप सील खुलने के बाद केवल 28 से 30 दिनों (या 1 महीने) तक ही उपयोग के लिए सुरक्षित होती हैं। इसके बाद बची हुई दवा को फेंक दें।
-अपनी आई ड्रॉप्स कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
Updated on:
16 Jul 2026 04:05 pm
Published on:
16 Jul 2026 04:05 pm
