16 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हर चौथा व्यक्ति बिना सलाह इस्तेमाल कर रहा ‘आई ड्रॉप’, भोपाल में किया गया रिसर्च

Eye drops: रिसर्च में खुलासा हुआ है कि हर चौथा व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे आंखों की रोशनी पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
2 min read
Google source verification
Eye drops: एक्सपायर्ड ड्रॉप सबसे बड़ा खतरा (Photo Source- freepik)

Eye drops: एक्सपायर्ड ड्रॉप सबसे बड़ा खतरा (Photo Source- freepik)

Shocking research: आंखों में खुजली, लालपन, जलन या पानी आने जैसी मामूली परेशानी को लोग अक्सर नजरअंदाज कर मेडिकल स्टोर से सीधे आई ड्रॉप खरीद लेते हैं। ये लापरवाही आपकी रोशनी छीन सकती है। एमपी के भोपाल शहर आधारित एक शोध में सामने आया है कि हर चौथा व्यक्ति बिना नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर रहा है। शोध के अनुसार 26.4 प्रतिशत लोग बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप का उपयोग कर रहे हैं। बिना पर्चे के इस्तेमाल हो रही हर चौथी आई ड्रॉप में स्टेरॉयड मिला, जो लंबे समय तक उपयोग करने पर दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।

स्टेरॉयड और एक्सपायर्ड ड्रॉप सबसे बड़ा खतरा

शोधकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों के पास मौजूद आई ड्रॉप की जांच की। इसमें 26.5% आई ड्रॉप स्टेरॉयड युक्त मिलीं। वहीं 21.1 प्रतिशत दवाएं एक्सपायर्ड या बिना लेबल की थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच स्टेरॉयड ड्रॉप का इस्तेमाल आंखों की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है और कई मामलों में रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है।

घरेलू नुस्खे भी नहीं हैं सुरक्षित

शोध में यह भी सामने आया कि 25.7 प्रतिशत लोग आंखों में काजल, शहद, घी और गुलाब जल जैसे घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। इनमें सबसे अधिक काजल (61.4%) और शहद (31.4%) का उपयोग किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, ये चीजें आंखों में गंभीर संक्रमण और कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

आंकड़ों में खतरे की तस्वीर

26.4 प्रतिशत लोग बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप इस्तेमाल कर रहे हैं।
26.5 प्रतिशत आई ड्रॉप में स्टेरॉयड मिला।
21.1 दवाएं एक्सपायर्ड या बिना लेबल की मिलीं।
25.7 लोग शहद, घी और काजल जैसे घरेलू नुस्खे आंखों में लगा रहे।

ध्यान रखें ये बातें

-आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट पहले पता कर लें।
-आई ड्रॉप सील खुलने के बाद केवल 28 से 30 दिनों (या 1 महीने) तक ही उपयोग के लिए सुरक्षित होती हैं। इसके बाद बची हुई दवा को फेंक दें।
-अपनी आई ड्रॉप्स कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करें।

आंखों में आई ड्राप डालते समय ध्यान रखें ये बातें

  • आई ड्रॉप डालने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें। जिससे बैक्टीरिया आंखों में न जाएं।
  • आई ड्राप डालने के लिए सिर को पीछे झुकाएं और ऊपर की ओर देखें। निचली पलक को धीरे से नीचे खींचें इसमें आई ड्रॉप की एक बूंद डालें।
  • कभी भी ड्रॉपर को न छूएं। साथ ही ड्रॉपर की नोक को अपनी आंखों, पलकों या किसी अन्य सतह पर न लगने दें।
  • ड्रॉप डालने के बाद आंखें बंद करें और अपनी उंगली से 1 से 2 मिनट तक हल्के से दबाकर रखें। इससे दवा आंख में ही रुकी रहती है और गले या शरीर में नहीं जाती।
  • कभी भी ड्रॉप डालने के बाद आंखों को कसकर बंद न करें और न ही उन्हें रगड़ें।
  • अगर आपको एक से ज्यादा आईड्रॉप डालनी है, तो दोनों ड्रॉप्स डालने के बीच कम से कम 5 से 10 मिनट का अंतर जरूर रखें।