
mp cabinet decisions- सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की अहम बैठक। फोटो एमपी जनसंपर्क एक्स
''जो एक बार मध्यप्रदेश आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है। सस्ती बिजली, पीएम मित्र पार्क और निवेश-अनुकूल नीतियां यहां हैं। टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में भी अनेक संभावनाएं हैं। 'हृदय प्रदेश' में एक बार जरूर आइए।''
यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में कही। वे "भारत टेक्स-2026" में शामिल होने आए थे। मोहन यादव ने इस मौके पर देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। उन्हें मध्यप्रदेश में उद्योगों को दी जाने वाली सुविधाएं और फायदों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कुंभ की नगरी से आता हूं। 12 साल में एक बार कुंभ आता है। कुंभ के समय चारों तरफ एक ही वातावरण तैयार होता है। वो वातावरण तो धार्मिक होता है। उसी तरह यहां वस्त्र उद्योग का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस क्षेत्र में कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वक्त विश्व में सबसी सस्ती बिजली कहीं मिल रही है तो वो मध्यप्रदेश में मिल रही है। हमारे यहां पानी पर भी बिजली है और पानी से भी बिजली है। उन्होंने टेक्सटाइल का मामला राजा विक्रमादित्य के काल से जुड़ता है। महारानी अहिल्याबाई ने महेश्वरी साड़ी ब्रांड का निर्माण किया। उन्होंने इसके जरिये बुनकरों की आमदनी की चिंता की। महेश्वरी जैसे ही चंदेरी साड़ी भी एक ब्रांड है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने राशि देकर मई 2026 तक की सभी देनदारियां खत्म कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में दी है। मोहन यादव ने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है।
Updated on:
16 Jul 2026 05:12 pm
Published on:
16 Jul 2026 05:12 pm
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