Vidyarambh Certificate- प्रदेश में पहली बार आंगनवाड़ी के बच्चों का ‘विद्यारंभ समारोह’ भी आयोजित किया जाएगा
Bhopal- एमपी में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल की गई है। राज्य के 6 साल तक के बच्चों को अब ‘विद्यारंभ प्रमाण-पत्र’ दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में पहली बार आंगनवाड़ी के बच्चों का ‘विद्यारंभ समारोह’ भी आयोजित किया जाएगा। 24 मार्च को पूरे प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में यह समारोह होगा। राज्यस्तरीय ‘ग्रेजुएशन सेरेमनी’ में मंत्री निर्मला भूरिया बच्चों को सम्मानित करेंगी।
मध्यप्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत की जा रही है। राज्य में पहली बार आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे 5 से 6 आयु वर्ष के बच्चों को “विद्यारंभ प्रमाण-पत्र” प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया जाएगा। प्रदेश में 24 मार्च को आयोजित होने वाले बाल चौपाल (ECCE Day)के अवसर पर प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ समारोहपूर्वक प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा, जिससे शाला पूर्व शिक्षा को सामाजिक और संस्थागत मान्यता मिल सके।
इस पहल को राज्य स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए भोपाल में विशेष राज्यस्तरीय ‘ ग्रेजुएशन सेरेमनी ’ का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की शुभकामनाएं देंगी। यह कार्यक्रम भोपाल जिले की बाणगंगा परियोजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1061 और 859 में आयोजित होगा, जहां 35 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप यह पहल की जा रही है, जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 5-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र देकर उनके शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत को मान्यता दी जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक विद्यालयी प्रणाली में सुगम संक्रमण को सुनिश्चित करना, परिवार और समुदाय को शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के सशक्त केन्द्र के रूप में स्थापित करना है।
कार्यक्रम के आयोजन में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था रॉकेट लर्निंग का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। संस्था के साथ केंद्र और राज्य स्तर पर हुए समझौते के तहत वर्तमान में मध्यप्रदेश के 39 जिलों में गुणवत्तापूर्ण शाला पूर्व शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
विद्यारंभ प्रमाण-पत्र पहल से न केवल बच्चों की शैक्षणिक यात्रा में निरंतरता सुनिश्चित होगी बल्कि समुदाय में आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ेगी। इससे बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत होगा और भविष्य में ड्रॉपआउट दर कम करने में भी मदद मिलेगी।