
भोपाल। कोरोना की भले ही अभी तीसरी लहर दूर हो लेकिन इन दिनों बच्चों में नई परेशानी देखी जा रही है। कई बच्चों में कोरोना के लक्षण न होने, कोविड रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद 10 से 15 दिन तक स्वाद नहीं आ रहा। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल संक्रमण के साथ अन्य कई दिक्क्तों में भी अक्सर बच्चों के स्वाद के साथ सूंघने की क्षमता कम हो जाती है।
दवाएं भी लीं लेकिन नहीं आया स्वाद
रोहित नगर के रहने वाले 12 साल के अंशुमन को बीते 10 दिन से स्वाद नहीं आ रहा। उनके पिता का कहना है कि शुरूआत में हमें लगा कोविड है तो टेस्ट करवाया, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई। फिर पास के डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने मल्टी विटामिन दे दिए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
कई कारणों से होती है समस्या
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन एफिशिएंसी यानी मल्टी विटामिन के ज्यादा उपयोग के चलते यह समस्या हो सकती है। वहीं सामान्य सर्दी जुकाम या साधारण वायरल संक्रमण में भी स्वाद आना बंद हो जाता है। इन दिनों कोविड संक्रमण है तो वायरल इन्फेक्शन से बचाना थोड़ा मुश्किल होता है। जरूरी नहीं कि तेज बुखार को ही वायरल इन्फेक्शन माना जाए।
मनोवैज्ञानिक कारण भी
डॉ, राकेश मिश्रा, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ का कहना है कि कई कारण हो सकते हैं। विटामिन एफिशिएसी के साथ आयरन की कमी एनिमिया में भी इस तरह की दिक्कतों को देखा जाता है। 10 से 15 साल के बच्चे बड़े होते हैं वो कोविड को अच्छे से जानते हैं। ऐसे में कई बार मनोवैज्ञानिक कारण भी हो सकता है।
डॉ. राजेश टिक्कस, सचिव इंडियन एसोसिएशन ओपीडियाट्रीशन का कहना है कि अब संक्रमण स्तर बहुत कम हो गया है। ऐसे में वायरल लोड कम मान सकते कि कोरोना नहीं है। अगर लक्षण नहीं है तो भी इन स्थिति में कोविड के नियमों का पालन करना चाहिए। इसके साथ इसके पीछे बिहेवियरल प्रॉब्लम भी हो सकती है।