मौके पर पहुंचकर करेगी जांच
भोपाल@रिपोर्ट- सतेंद्र सिंह भदौरिया.
प्रदेश में बढ़ते गंभीर अपराधों पर लगाम लगाने और एक से दूसरे राज्य में पनाह लेने वाले अपराधियों पर सीआइडी शिकंजा कसने जा रही है। वह थाना पुलिस के साथ मिलकर सनसनीखेज और जघन्य अपराधों की विवेचना करेगी। यह पहला मौका है, जब प्रदेह्यश में कहीं भी कोई बड़ी वारदात होगी तो सीआइडी वहां पहुंचकर तफ्तीश करेगी। घटनास्थल पर विवेचना के लिहाज से जो भी क्लू मिलेंगे, उन्हें पीएचक्यू में अपने अफसरों के साथ स्थानीय अफसरों से साझा करेंगे।
कैसी होगी टीम, कैसा होगा काम?
सूत्रों ने बताया कि सीआइडी ने अपनी जांच में तीन कैटेगरी बनाई हैं। इसके लिए पीएचक्यू में एक पांच अफसरों का दल तैयार किया है। इसमें आइजी के निर्देश पर एआइजी लीड करेंगे। जिसमें चार टीआइ सहित कुछ सब इंस्पेक्टर और हवलदार-सिपाही शामिल रहेंगे। सीआइडी जिनकी जांच करेगी उनमें जघन्य, सनसनीखेज और संपत्ति संबंधी अपराध शामिल किए गए हैं। संपत्ति संबंधी अपराध में एटीएम से चोरी, बैंक चोरी, आदि हैं।
जघन्य और सनसनीखेज अपराध में मर्डर, गैंगरेप, डकैती जैसे अपराधों को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। अपराधियों का डाटा प्रदेशभर से एकत्रित किया जा रहा है, इसके लिए सीआइडी में बनाए गए दल ने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप भी तैयार कर लिया है। प्रदेशभर से ग्रुप में अपराधियों के वारदात का तरीका और अपराध की कुंडली आने लगी है। वहीं जानकारों का कहना है कि प्रदेश में हो रहे जघन्य वारदात को काबू में करने के लिए सरकार को अब एक्शन लेने की जरूरत है। शहर में जिस तरह लूट, चोरी और छेड़छाड़ के वारदात बढ़ रहे है उससे उपर उठकर प्रशासन को अब अपराधियों को पकड़ने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
सीआइडी में एक एेसा दल बनाया गया है, जो प्रदेशभर में तीन स्तर पर सनसनीखेज, जघन्य और संपत्ति संबंधी अपराधों की विवेचना के लिए बदमाश को दबोचने और स्थानीय पुलिस के साथ घटना की तफ्तीश करेगी।
- कैलाश मकवाना, एडीजी, सीआइडी