
MP Transfer Policy 2026 (photo:cm Fb)
MP Transfer Policy 2026: संभवत: 20 मई या उसके आसपास शुरू होने वाले तबादलों के लिए तैयार की जा रही तबादला नीति में सरकार इस बार कुछ नए पैरामीटर जोडऩे जा रही है। जैसे, जनप्रतिनिधि थोकबंद सिफारिशें नहीं कर सकेंगे। ऐसी सिफारिशों की पड़ताल की जाएगी। पारदर्शिता के लिए फीडबैक सिस्टम लागू किया जा सकता है। यानी जिन कर्मचारियों के तबादले हो चुके होंगे, उनसे पूछा जाएगा कि तबादला कराने में किसी तरह की कठिनाइयों का सामना तो नहीं करना पड़ा।
असल में ये पैरामीटर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन की मंशा (MP Transfer Policy 2026) के आधार पर जोड़े जाने हैं। अब अफसर, इस पर नए सिरे से काम कर रहे हैं। सबसे खास बात यह कि तबादलों में इस बार ऑफलाइन कुछ भी नहीं होगा, बीते साल रही कमियों को देखने के बाद ऑनलाइन आवेदन जरूरी किए जाएंगे। तबादला नीति लगभग तैयार है।
विभाग ने यह काम 5 दिन पहले ही पूरा कर लिया है लेकिन जो संशोधन होने है, उनकी फाइलें अभी नहीं चली है इस वजह से देरी हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की मंशा है कि नीति में कुछ नवाचार जोड़े जाने चाहिए, जो जनता और शासकीय सेवक दोनों के लिए फायदेमंद हों। किसी भी तरह से शासकीय सेवकों और उनके परिवार के सदस्यों पर अनावश्यक दबाव नहीं आने चाहिए।
एक से दूसरे जिले में होने वाले तबादलों (MP Transfer Policy 2026) से जुड़े आवेदनों पर निर्णय लेंगे और तबादला करने योग्य पाए जाने पर ऑनलाइन माध्यम से सिफारिश भेजेंगे।
जिले के अंदर एक से दूसरे स्थानों पर होने वाले तबादलों (MP Transfer Policy 2026) से जुड़े आवेदनों पर निर्णय लेंगे, आवेदनों की जांच भी करा सकेंगे। पिछली हिस्ट्री भी देखेंगे।
तय करेंगे कि किसी भी विभाग में कुल कर्मचारी के 10 से लेकर 20 फीसद कर्मचारियों से अधिक का तबादला (MP Transfer Policy 2026) न हो। एक कर्मचारी को समायोजित करने के लिए अगले 2 या 10 कर्मचारियों को प्रभावित न करना पड़े। किसी भी विभाग में 50 फीसद से अधिक कर्मचारी दूसरे स्थान से न आए, यदि ऐसा हुआ तो काम प्रभावित हो सकता है।
इस बार तबादला नीति (MP Transfer Policy 2026) में बीते साल की तुलना में 10 दिन कम हो सकते हैं। बीते साल 1 मई से तबादले शुरू किए गए थे। 31 मई तक होने थे, लेकिन ये 14 जून तक किए जाते रहे। तबादला नीति के आधार पर किए जाने वाले तबादलों से असंतुष्ट कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों की आपत्तियों को सुना जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस बार सुनवाई के लिए 10 दिन का समय मिलेगा।
ऐसे मामले, जिनमें दोनों में से कोई एक किसी अन्य स्थान पर सेवाएं दे रहे हैं तो उन्हें एक ही स्थान पर सेवा देने के अवसर मिलें, ऐसे प्रयास किए जाएंगे।
ऐसे मामलों में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
शासकीय सेवक व उनके परिवार के बीमार सदस्य की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिए जाएंगे।
सरकार ने बीते साल तबादला आवेदनों व सिफारिशों को (MP Transfer Policy 2026) ऑनलाइन जारी करना अनिवार्य किया था, लेकिन इसका कई मंत्रियों व विभागों ने ठीक से पालन ही नहीं किया। नतीजा, यह रहा कि जीएडी को अंत तक यह पता लगाने के लिए परेशान होना पड़ा कि आखिर किस विभाग ने कितने तबादले किए थे। सूत्रों के मुताबिक इस बार बगैर ऑनलाइन आवेदन मिले तबादले होंगे ही नहीं। मंत्री के स्तर पर किए जाने वाले तबादलों की सिफारिशों को तब तक नहीं माना जाएगा, जब तक कि ऑनलाइन माध्यम से सिफारिश न मिल जाए।
Published on:
13 May 2026 09:12 am
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