
CM Mohan Yadav -मुख्यमंत्री कार्यालय से लिखी ए-प्लस की नोटशीट पर अधिकतम 15 दिनों में निर्णय लेना होता है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। ए-प्लस की ऐसी 821 से अधिक नोटशीट दो माह से ऑफिस में धूल खा रही हैं। एसीएस, पीएस इन पर निर्णय लेने की बजाए एक से दूसरे विभागों को भेज रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को ए, ए प्लस व घोषणाओं के पालन की समीक्षा की तो यह तथ्य सामने आया। इस पर उन्होंने सख्ती दिखाई, प्रजेंटेशन बीच में रुकवाकर पूछा सबसे जरूरी काम क्यों अटक रहे! सीएम मोहन यादव ने सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव (एसीएस), प्रमुख सचिव (पीएस) से कहा कि नोटशीट पर आज ही रात (3 जुलाई की रात) आदेश जारी करें। सीएम के सख्त रुख से अधिकारी घबरा उठे। उन्हें आधी रात तक ऑफिस में रुककर काम करना पड़ा।
बताया कि कितने प्रकरणों में निर्णय लिए हैं और कितने विभागों के पास लंबित
बैठक में विभागों के एसीएस, पीएस और विभागाध्यक्ष ए, ए- प्लस और घोषणाओं के पालन को लेकर प्रजेंटेशन दे रहे थे। बताते हैं, सबसे पहले नगरीय विकास एवं आवास विभाग, फिर स्कूल शिक्षा और गृह विभाग के एसीएस ने तीन श्रेणियों में प्रगति बताई। यह भी बताया कि कितने प्रकरणों में उन्होंने निर्णय लिए हैं और कितने विभागों के पास लंबित है।
चौथे विभाग की बारी आती, उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने टोका। कहा, जब ए और ए-प्लस नोटशीट लिखी है, यानी, काम सर्वोच्च प्राथमिकता से जुड़ा है। इन पर कार्रवाई के दिन भी तय हैं, फिर भी निर्णय नहीं हो पाना अच्छी बात नहीं है। फाइल रखकर न बैठें…
सूत्र बताते हैं, सीएम ने कहा कि जिन मामलों में निर्णय लेने में कानूनी अड़चन आ रही है तो उसे मेरे सामने पेश करें। फाइलें अपने पास रखकर न बैठें। फाइलें अटकाने से अच्छा है कि निराकरण हो।
सीएम ने कहा, जनता व जनप्रतिनिधि बड़ी उम्मीद से आते हैं। उन्हें भरोसा होता है कि सुनवाई होगी। इससे विपरीत स्थिति न बने। सभी के साथ आदर्श व्यवहार हो।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नोटशीट पर अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए हर हाल में आज ही यानि 3 जुलाई की रात को ही आदेश जारी करने को कहा। ऐसे में ज्यादातर अफसर देर रात तक ऑफिस में बैठे रहे। रात 12.30 बजे तक कई विभागों ने आदेश जारी किए।