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100 एकड़ जमीन पर बनेंगे ’21 हजार’ से ज्यादा ईडब्ल्यूएस घर, भोपाल में कई प्रोजेक्ट्स अधूरे

Housing for All Scheme: भोपाल में 2,656.88 करोड़ की लागत से घर को बनाए जाने का प्लान तैयार किया गया है।
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Municipal Corporation Projects: 21255 ईडब्ल्यूएस घरों का होगा निर्माण (Photo Source - Patrika)

Municipal Corporation Projects: 21255 ईडब्ल्यूएस घरों का होगा निर्माण (Photo Source - Patrika)

Municipal Corporation Projects: एमपी के भोपाल शहर में नगर निगम की हाउसिंग फॉर ऑल (एचएफए) योजना राजधानी के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए दुःस्वप्न बन चुकी है। एक तरफ जहां पिछले 10 वर्षों से शहर के 20 प्रोजेक्ट्स में अपनी गाढ़ी कमाई फंसाकर लोग पश्चाताप कर रहे हैं और किराए व बैंक की किस्त की दोहरी मार झेल रहे है, वहीं दूसरी तरफ निगम प्रशासन अपनी नाकामी को छिपाने के लिए दानापानी सब्जी ने फार्म क्लस्टर में 2866.88 करोड़ की एक और नई व विशाल परियोजना का ईओआई ड्राफ्ट जारी कर हवा-हवाई दावे कर रहा है।

आंकड़ों में निगम की नाकामी

निगम ने शहर भर में 20 प्रोजेक्ट्स के तहत 11457 घरों का निर्माण कार्य शुरू किया था। औसत चार साल की देरी के बाद भी कछुआ गति के कारण मात्र 6563 घर ही बन सके है। सबसे बदतर स्थिति यह है कि इनमें से करीब 1800 भुक्तभोगियों को ही अब तक आवंटन मिल पाया है। अधिकांश प्रोजेक्ट्स अपनी समय-सीमा से तीन से पांच साल की देरी से चल रहे है, जिससे जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

पुराने घाव भरे नहीं और नए दावों की झड़ी

इस भारी बदहाली के बीच, निगम अब दानापानी में करीब 100 एकड़ जमीन पर 21255 ईडब्ल्यूएस घरों के निर्माण का ढोल पीट रहा है। इसके लिए 2,656.88 करोड़ की लागत से भूकंपरोधी और आधुनिक मिवान तकनीक का उपयोग अनिवार्य करने इन घरों को बनाने की बात कही जा रही है। 210 करोड़ से बिजली सबस्टेशन, चौड़ी सड़कें और चार करोड़ की लागत से 6.30 हेक्टेयर में अर्बन फॉरेस्ट बनाने का सपना दिखाया जा रहा है। इस वित्तीय बोझ को संभालने के लिए कम्पेनसेटरी लैंड पार्सल (सीएलपी) मॉडल के तहत 1,978.88 करोड़ मूल्य की 20.69 हेक्टेयर कीमती सरकारी भूमि निजी डेवलपर्स को सौंपने की तैयारी है।

पुराने प्रोजेक्ट्स में तकनीकी कारणों से देरी हुई है। दानापानी परियोजना में सख्त नियम बनाकर समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण गुणवत्तापूर्ण काम जाएगा। सुनिश्चित किया- संस्कृति जैन, आयुक्त, निगम

जमीनी हकीकतः धोखाधड़ी और दोयम दर्जे का निर्माण

12 नंबर स्टॉप प्रोजेक्टः हितग्राही कुमार अशेष ने बताया कि मार्च 2024 की डेडलाइन पांच बार बढ़ी। 2027 से पहले घर मिलने की उम्मीद नहीं है। दीवारों के घटिया प्लास्टर और फर्श की टाइल्स गृहप्रवेश से पहले ही उखड़ रही हैं और सीलन आ गई है। किस्त और किराये से जीवन मुश्किल हुआ।

रासलाखेड़ी प्रोजेक्टः डॉ. शैलेश मिश्रा ने दर्द बयां किया कि फरवरी 2024 में घर मिलना था, सात बार डेडलाइन बढ़ चुकी है। मॉडल हाउस में स्टील रेलिंग दिखाई थी, अब घटिया लोहा ठोंक रहे हैं। सीवेज और बिजली का काम अधर में है। अलगे साल ही घर मिलने की उम्मीद है।