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800 करोड़ के घोटाले में 3 अफसरों को नोटिस, एमपी के पूर्व सीएस भी फंसे

Former MLA Paras Sakhlecha - लोकायुक्त के एक दर्जन से ज्यादा पत्रों का भी नहीं दिया जवाब, पोषण आहार घोटाले में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा ग्रामीण आजीविका मिशन के अफसर तलब
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ex mla paras sakhlecha

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MP Scam News- एमपी में 800 करोड़ रुपए के पोषण आहार घोटाले में 3 अहम विभागों के जिम्मेदार अफसरों को नोटिस जारी किया गया है।लोकायुक्त ने प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। प्रदेश के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने पोषण आहार घोटाले में लोकायुक्त को शिकायत की है। इसमें मध्यप्रदेश के तत्कालीन प्रमुख सचिव इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के तत्कालीन संचालक ललित मोहन बेलवाल सहित अन्य अधिकारियों पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी के संगीन आरोप हैं।

पूर्व विधायक सकलेचा ने महालेखाकार (एजी) की 2018 से 2021 के दौरान 8 जिलों में पोषण आहार की हुई जांच के आधार पर घोटाले की शिकायत लोकायुक्त से की थी। अब उसी मामले में संबंधित विभाग से मुकम्मल जवाब नहीं मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव और ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ को 24 अगस्त को कार्रवाई प्रतिवेदन सहित लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

महालेखाकार की रिपोर्ट पर कार्रवाई प्रतिवेदन नहीं

घोटाले की शिकायत पर लोकायुक्त कार्यालय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से महालेखाकार की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन प्राप्त करने के लिए 14 पत्र भेजे हैं। 30 अक्टूबर 2023 के बाद एक-एक कर ये पत्र एसीएस तक भेजे गए। इसके बावजूद विभाग ने आज तक कार्यवाही प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं कर सका। हैरानी की बात तो यह है कि पंचायत विभाग ने खुद पांच बार मोहलत मांगी। 8 जून को जानकारी भेजी गई जिसे लोकायुक्त ने मांगी गई जानकारी के अनुरूप नहीं पाया है।

सभी अधिकारियों को 24 अगस्त को उपस्थित होने को कहा

लोकायुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत सभी अधिकारियों को 24 अगस्त को उपस्थित होने को कहा गया है। तीनों महत्वपूर्ण विभागों के शीर्ष अधिकारियों को लोकायुक्त के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया गया है।

पारस सखलेचा ने लोकायुक्त में 2023 को घोटाले की शिकायत दर्ज कराई थी

पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने लोकायुक्त में 28 अगस्त 2023 को घोटाले की शिकायत दर्ज कराई थी। महालेखाकार (Accountant General) द्वारा वर्ष 2018 से 2021 के बीच मध्यप्रदेश के 8 जिलों में की गई ऑडिट रिपोर्ट में पोषण आहार के उत्पादन, परिवहन और वितरण में भारी गड़बड़ियां उजागर हुई थीं। एजी की इसी रिपोर्ट के आधार पर पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने लोकायुक्त को शिकायत की थी।