
CM Mohan Yadav- Image Source MP Jansampark
CM Mohan Yadav- मध्यप्रदेश में नए सिरे से प्रशासनिक जमावट की सुगबुगाहट तेज है। एसीएस, पीएस, सचिव और संभागायुक्त स्तर के अधिकारियों को इधर उधर किया जा सकता है। करीब एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों पर सरकार की नजर है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में भी नए सिरे से कुछ अधिकारियों को नया जिम्मा मिल सकता है। ये सभी बदलाव 31 अगस्त के पहले होने हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशा है कि जो अधिकारी जिन कामों में एक्सपर्ट है और जल्दी परिणाम दे सकते हैं, उन्हें वहां लगाया जाए। कुछ अधिकारी इसी जुगाड़ में जुटे हैं।
सूत्रों के मुताबिक उज्जैन में आशीष सिंह के पास उज्जैन संभाग के साथ-साथ मेलाधिकारी का भी प्रभार है। सरकार यहां मेलाधिकारी और संभागायुक्त् का काम दो अलग-अलग अफसरों को देने का मन बना रही है। यदि ऐसा होता है तो आइएएस आशीष सिंह के पास इनमें से दो में से एक ही जिम्मेदारी होगी और एक जिम्मेदारी के लिए किसी अन्य अधिकारी की तैनाती की जा सकती है।
उधर, इंदौर से संभागायुक्त सुदाम खाड़े को सरकार वापस बुला सकती है, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय या मुख्यमंत्री से जुड़ा कोई अन्य काम दिया जा सकता है। उज्जैन भेजे जाने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जबकि इंदौर संभागायुक्त के लिए कई वरिष्ठ आइएएस कतार में बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से आलोक कुमार सिंह के बाहर जाने के बाद ही कयास लगाए जा रहे हैं कि यहां नए सिरे से जमावट होगी। अभी पूरा काम एसीएस नीरज मंडलोई के नेतृत्व में चल रहा है। आइएएस इलैया राजा टी, विक्रम कौशलेंद्र सिंह, अरविंद कुमार दुबे, सुधीर कोचर, चंद्रशेखर वालिम्बे, अरुण परमार, संदीप केरकेट्टा जैसे अधिकारी हैं। यहां कुछ और अधिकारियों को लगाया जा सकता है तो कुछ को वापस बुलाने की भी चर्चा है।
इधर राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने टीकमगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों की जमीन को रिकार्ड में सही प्रविष्टि न करना राजस्व अधिकारियों को भारी पड़ गया है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने जतारा एसडीएम संजय दुबे एवं चंदेरा के नायब तहसीलदार कसोरिया को निलंबित कर दिया है। साथ ही जांच के भी आदेश दिए है।
दरअसल ग्राम गोटेट के किसान राकेश यादव, संतराम, सुमन एवं उपेंद्र सहित कुछ अन्य किसानों ने नायब तहसीलदार चंदेरा द्वारा उनकी जमीन को राजस्व रिकार्ड में गलत तरीके इंद्राज करने का आवेदन दिया था। काम नहीं होने पर पीडि़त किसान ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद भी काम नहीं होने पर हाईकोर्ट ने पीएस को तलब कर गलत आदेश को निरस्त कर कार्यवाही के निर्देश दिए।
Updated on:
05 Jul 2026 12:50 pm
Published on:
05 Jul 2026 12:27 pm
