
mp cs file photo- Image MP Jansampark
MP Principal Secretaries - मध्यप्रदेश में कुछ अहम विभाग बिना प्रमुख सचिव के ही चल रहे हैं। कम से कम 3 विभाग तो ऐसे हैं जहां पीएस की तुरंत नियुक्ति की दरकार है। इधर उन अधिकारियों पर भी तबादलों की तलवार लटकी है जोकि कई बार की ताकीद के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार ऐसे अधिकारियों से उनके अहम दायित्व छीने जाएंगे। उन्हें हटाकर लेकर अन्य सक्रिय व परिणाम देनेवाले अफसरों को अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
एमपी के पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव आइएएस उमाकांत उमराव अगले माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में यहां नए अधिकारी की जरूरत होगी। इसी तरह पर्यावरण विभाग व विमानन विभाग को भी पीएस की जरूरत है। इससे एमपी में एक बार फिर प्रशासनिक सर्जरी की चर्चा चल रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर नीचे स्तर तक कुछ अधिकारी ऐसे है, जो दी गई जिम्मेदारियों पर रिजल्ट नहीं दे पा रहे। यह बात कई बार विभिन्न समीक्षा बैठकों में सामने आ चुकी है। संभावित प्रशासनिक फेरबदल की ये भी अहम वजह हो सकती है।
कुछ अधिकारियों के पास अहम दायित्व हैं पर वे अपेक्षित रिजल्ट नहीं दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसे अधिकारियों को ताकीद भी किया जा चुका है तब भी अपेक्षाकृत परिणाम नहीं आ पा रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसे अधिकारियों की जगह नए अफसरों को लगाया जा सकता है।
अभी यह जिम्मा आइएएस उमाकांत उमराव के पास है, जो 1 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
2.बालाघाट को पड़ेगी एडिशनल कलेक्टर की जरुरत:
अभी यह जिम्मा आइएएस जीएस धुर्वे के पास है, जो 16 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
अभी एसीएस अनिरुद्ध मुकर्जी के पास अतिरिक्त प्रभार है। यहां बड़े काम होते हैं। नए प्रमुख सचिव मिल सकते हैं।
4.कृषि उत्पादन आयुक्त चाहिए:
सरकार कृषक कल्याण वर्ष मना रही है, जिसमें कृषि उत्पादन आयुक्त की अहम जिम्मेदारी होती है। अभी उक्त पद का प्रभार एसीएस केसी गुप्ता के पास है। माना जा रहा है कि यह जिम्मेदारी सरकार किसी स्वतंत्र अधिकारी को देना चाहती है।
5.जनसंपर्क को मिल सकता है सचिव:
अभी यह विभाग एसीएस अनुपम राजन के पास है लेकिन उनके पास उच्च शिक्षा जैसा बड़ा विभाग है। इसके साथ में संसदीय कार्य विभाग भी है। माना जा रहा है कि सरकार जनसंपर्क विभाग का जिम्मा किसी सचिव स्तर के अधिकारी को दे सकती है।
अभी यह विभाग एसीएस संजय कुमार शुक्ल के पास है लेकिन पहले से उनके पास गृह जैसा बड़ा विभाग है। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस संवेदनशील और मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़े विभाग में किसी पीएस को बैठा सकती है।
बता दें कि मध्यप्रदेश में प्रमुख सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। ये राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्य करते हैं।
Updated on:
05 Jul 2026 01:10 pm
Published on:
05 Jul 2026 01:08 pm
