सच हो रही है मौसम विभाग की भविष्यवाणी, अब बिजली गिरने की दी चेतावनी...।
भोपाल। हिमालयीन क्षेत्र में हुई ताजा बर्फबारी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्यप्रदेश का मौसम गड़बड़ा गया है। वहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ( IMD ) ने अगले 24 घंटों के दौरान करीब 20 जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई है।
इन जिलों में गिर सकती है बिजली
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक रीवा, सागर, शहडोल संभागों के जिलों में तथा कटनी, जबलपुर, भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, रायसेन, विदिशा, भोपाल, होशंगाबाद और बैतूल जिलों में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।
कई जिले में छा जाएगा कोहरा
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक ग्वालियर, चंबल, भोपाल, होशंगाबाद, रीवा, सागर, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा जाएगा। यह कोहरा सुबह के समय ही रहेगा।
Must Read
सच हुई भविष्यवाणी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच साबित हुई, जिसमें कहा गया था कि 12 और 13 दिसंबर को बारिश, ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 12 दिसंबर को सुबह से ही बादल छा गए थे, दोपहर में बरसने लगे। आलम यह रहा कि दोपहर में शुरू हुई बारिश देर रात तक चलती रही। यह स्थिति भोपाल समेत कई जिलों में रही।
कैसे बीते 24 घंटे
मध्यप्रदेश में 24 घंटों के दौरान सागर, जबलपुर, रीवा, होशंगाबाद संभागों के जिलों में ज्यादातर स्थानों बारिश रिकार्ड की गई। जबकि भोपाल, शहडोल संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर और बाकी संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश रिकॉर्ड की गई।
कहां कितनी बारिश
मध्यप्रदेश के सीधी में 5, खजुराहो में 4, टीकमगढ़, नागौद, कटनी, सतना और रीवा में 3 सेमी बारिश रिकार्ड की गई, जबकि बैतूल और भोपाल में 2 सेमी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल कई जिलों में बादलों का डेरा है और 13 दिसंबर की रातभर पानी गिरने और ओलावृष्टि का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
भोपाल और आसपास के लिए सूचना
मौसम विभाग ( imd ) के मुताबिक भोपाल और आसपास के जिलों के लिए पूर्वानुमान है कि यहां आंशिक बादल छाए रहेंगेष वहीं कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 20 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। तापमान 14 डिग्री न्यूनतम के आसपास रहेगा। जबकि अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेकम होना शुरू हो जाएगा।
सीजन का पहला मावठा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश होना मतबल सीजन का पहला मावठा गिरना है। यह गेहूं की फसल के लिए तो अच्छा है, जबकि ओलावृष्टि जहां भी हो रही है वहां फसलों को खतरा बना हुआ है।
क्यों गड़बड़ाया मौसम
मध्यप्रदेश में मौसम अचानक क्यों गड़बड़ाया है, इसके पीछे मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि राजस्थान के ऊपर एक चक्रवात बन रहा है और अरब सागर से भी नमी का बढ़ना है। इसी कारण मध्यप्रदेश में यह मौसम में बदलाव हुआ है।
यह भी है खास
-मौसम विभाग के मुताबिक बारिश और ओले गिरने से पूरे प्रदेश में तापमान में और अधिक गिरावट आने वाली है। वहीं मध्यप्रदेश के बैतूल, पचमढ़ी, शिवपुरी, उमरिया आदि क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री से नीचे निकल गया।
-धान की फसल वाले क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका है।
-सहकारी समितियों में बिकने आई फसल बारिश और ओलावृष्टि की मार में भीग गई।
-गेहूं की फसल के लिए यह बारिश अमृत की तरह मानी जा रही है।