भोपाल

कलेक्टर जटिया ने लिखा- तुम जितनी घृणा करो, हम देखेंगे छपाक

- बवाल मचने के बाद डिलीट कर दी फेसबुक पोस्ट, कहा- मुझे सीएए की विस्तृत जानकारी नहीं

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Jan 14, 2020
madhyapradesh news
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भोपाल. मंडला कलेक्टर डॉ. जगदीशचंद्र जटिया की सीएए और एनआरसी पर की गई फेसबुक पोस्ट पर सोमवार को बवाल मच गया। कलेक्टर ने फेसबुक पर दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक का पोस्टर पोस्ट करके लिखा कि तुम चाहे जितनी घृणा कर लो, हम देखेंगे छपाक। इस पर जब कमेंट शुरू हुए, तो कलेक्टर ने री-कमेंट में लिखा कि मैं सीएए और एनआरसी को सपोर्ट नहीं करता। मेरा अपना विवेक है। इस पर बवाल मचा, तो कलेक्टर ने पोस्ट डिलीट कर दी। इस बीच भाजपा ने कहा कि क्या कलेक्टर कानून से बड़ा हो गया है। सीएए कानून पास हो चुका है, फिर कोई लोक सेवक कैसे उसका विरोध कर सकता है।
दरअसल, केंद्र द्वारा पारित इस कानून को मध्यप्रदेश में लागू करने या न करने को लेकर भाजपा और कांग्रेस में खींचतान मची है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस कानून पर कांग्रेस पार्टी की लाइन के हिसाब से ही निर्णय करने का ऐलान किया है। कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। वहीं, पूरे देश में इस पर पक्ष और विपक्ष में धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐेसे में फेसबुक पर जटिया की पोस्ट के बाद सिविल सर्विस नियमों के उल्लंघन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने जटिया की पोस्ट को सर्विस रूल्स का उल्लंघन बताकर कार्रवाई की मांग की है।
- ऐसे बढ़ा मामला
जटिया ने छपाक फिल्म के पोस्टर के साथ अपनी टिप्पणी लिखी, तो एक फेसबुक फ्रेंड ने कमेंट किया कि सीएए और एनआरसी का जो जेएनयू के लोग विरोध कर रहे हैं, क्या वह सही है। इसमें मारपीट हुई है। एबीवीपी के कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इसकी सही जांच होना चाहिए। इस पर जटिया ने री-कमेंट में लिखा कि मुझे अपने विवेक का इस्तेमाल करना आता है। मैं खुद सीएए व एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता। मारपीट भी केवल टीवी पर देखी है। इसके बाद कलेक्टर की पोस्ट पर बवाल शुरू हो गया।

जटिया पर हो प्रशासनिक कार्रवाई : शिवराज
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंडला कलेक्टर जगदीशचंद्र जटिया के मामले में राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में निवेदन किया है कि वे जटिया के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को निर्देशित करें। शिवराज ने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ समय से प्रशासनिक तंत्र निरंकुशता और राजनीतिक संलिप्तता प्रदर्शित करने वाली मशीनरी में बदल चुका है। सीएए संसद में पारित होकर कानून का रूप ाले चुका है। कलेक्टर मंडला की ये टिप्पणी कि मैं खुद सीएए और एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता, अक्षम्य और दंड योग्य है।

एसिड अटैक पर बनी फिल्म छपाक देखना चाहता हूं। मैंने अपने फेसबुक वॉल पर यही इच्छा जताई है। सीएए के बारे में अभी मुझे विस्तृत जानकारी नहीं है। इसीलिए इस पर कुछ टिप्पणी भी नहीं कर सकता। मेरे फेसबुक वॉल पर किसी ने क्या कमेंट किया है अभी मैंने यह देखा भी नहीं है।
- डॉ. जगदीशचंद्र जटिया, कलेक्टर, मंडला

Updated on:
13 Jan 2020 09:34 pm
Published on:
14 Jan 2020 05:26 am