कांग्रेस का चुनावी फॉर्मूला तैयार, कमलनाथ ने खोले ये खास राज...
भोपाल। मध्यप्रदेश में इसी साल होने वाले चुनावों को देखते हुए सभी पार्टियां अपनी तैयारियों में जुट गई है। वहीं चुनावों को लेकर माहौल अब धीरे धीरे गर्म होना भी शुरू हो गया है। जिसके चलते जहां एक ओर भाजपा के विदिशा के करीब 50 कार्यकर्ता भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। वहीं कांग्रेस में भी कुछ हद तक बगावत शुरू हो चुकी है।
इन्हीं सब के बीच विभिन्न पार्टियों ने अपनी चुनावी रणनीति को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। राजनीति के जानकारों के अनुसार एक ओर जहां भाजपा विभिन्न वर्गों को साधने में जुटी है,वहीं कांग्रेस ये चुनाव मुख्य रूप से किसानों, नौजवानों और अन्य असंतुष्टों के भरोसे लड़ने में जुटी सी दिख रही है।
माना जा रहा हे कि इसी के चलते मध्य प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एक सोच वाली पार्टियों से चुनावी समझौता कर सकती है। इस संबंध में भोपाल में चर्चा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ही ये समझौते किए जाएंगे।
इनमें हो सकता है समझौता...
राजनीति के जानकारों का मानना है कि मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को कांग्रेस एक समान सोच वाले दलों में गिनती है। वहीं कमलनाथ की मानें तो इन दलों से सीटों से लेकर प्रत्याशी तक किसी भी तरह का समझौता हो सकता है। कमलनाथ का ये बयान उस वक्त आया है जब समाजवादी पार्टी ने एमपी में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है।
शुरू नहीं की अभी चर्चा...
वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि अभी हमने चर्चा शुरू नहीं की है। मैं इस संबंध में सबकी राय ले रहा था, क्या किया जाए, किस तरह का समझौता किया जाए।
उनके अनुसार 2014 में बीजेपी को 31 फीसदी वोट मिले थे, जबकि 69 उनके खिलाफ थे। फिर भी वो इसे जनादेश कहते हैं। ऐसे में हम नहीं चाहते कि इस बार वोट विभाजन हों। इसके लिए चर्चाएं शुरू हो रही हैं, कहीं राष्ट्रीय लेवल पर तो कहीं राज्य लेवल पर। हर राज्य में अलग हालात हैं। अब हम एक नए रूप से 2019 को सामने रखते हुए प्रदेश में भी उनके साथ चर्चा शुरू करेंगे।
कमलनाथ का कहना है कि हम जानकारी ले रहे हैं कहां ये ज़रूरी है। क्योंकि ऐसा ना हो कि हम भी आ जायें और वो भी आ जाएं। हम केवल वो आंकड़े इकट्ठा कर रहे हैं जिसमें जीतें, यहां किस तरह का समझौता करें, इसमें सीटों का या प्रत्याशी का, ऐसे तरह तरह के समझौते होते हैं।
भाजपा के सामने ये परेशानी...
वहीं दूसरी ओर चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश में एक जून से होने वाले किसान आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सक्रिय हो गए हैं। इसके तहत वे अब कमिश्नर और आईजी के साथ बैठक करेंगे।
इससे पहले मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि राज्य में किसान संगठन नहीं बल्कि कांग्रेस किसानों को उकसाने का काम कर रही है। साथ ही आरोप लगाया कि मंदसौर की घटना के बहाने प्रदेश की फिजां को खराब करने की कोशिश की जा रही है।
कृषि मंत्री के मुताबिक राज्य सरकार किसान को उसकी उपज का सही दाम देने का काम कर रही है, लेकिन विकास में रोड़ा विपक्ष किसानों के नाम पर माहौल बिगाड़ने में लगा है।
जानकारों के अनुसार चुनावी बिसात को लेकर दोनों पार्टियों ने मध्यप्रदेश में अपने अपने दांव चलने भी शुरू कर दिए हैं। जिसके बाद कांग्रेस जहां किसानों के मामले को हवा देने में लगी हुई है, वहीं भाजपा इस समय इस मामले को किसी भी तरह से शांत करतीह हुई दिख रही है।
बसपा ने की तैयारी में...
वहीं दूसरी ओर BSP प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने अपने बयान में कहा है कि बहुजन समाज पार्टी यानि बसपा अपनी दम पर प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।