भोपाल

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लिखा ‘कौन हैं कमलनाथ’, भाजपा ने कहा- हर चौराहे पर लगाना पड़ रहा पहचान का बायोडेटा

भाजपा का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ता खुद कमलनाथ को नहीं पहचानते हौ इसी कारण से उनका बायोडेटा हर चौराहे पर लगाने की जरूरत महसूस हो रही है।

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Oct 05, 2018
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर मं लिखा 'कौन हैं कमलनाथ', भाजपा ने कहा- हर चौराहे पर लगाना पड़ रहा पहचान का बायोडेटा

भोपाल. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिवभक्त और रामभक्त बताने वाले कांग्रेस कार्यक्रर्ताओं नया पोस्टर लगाया है। इस उऩ्होंने पीसीसी चीफ कमलनाथ को पोस्टर लगाया है। हालांकि इस पोस्टर में कमलनाथ के राजनैतिक उपलब्धियों को बताया गया है। लेकिन इसके साथ ही पोस्टर में लिखा गया है कि कौन हैं कमलनाथ। इसके बाद कमलनाथ की उपलब्धियों को गिनाया गया है। कमलनाथ के इस पोस्टर के बाद सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहा है कि पोस्टर में कमलनाथ के छिंदवाड़ा मॉडल को दिखाया गया है वहीं, भाजपा का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ता खुद कमलनाथ को नहीं पहचानते हौ इसी कारण से उनका बायोडेटा हर चौराहे पर लगाने की जरूरत महसूस हो रही है।

क्या है पोस्टर में: पोस्टर में लिखा गया है कांग्रेस पार्टी के ऐसे अकेले नेता जिन्हें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पुरस्कृत किया गया है। नौ बार से लागातार सांसद, 40 सालों का राजनैतिक अनुभव। ५ बार केन्द्रीय मंत्री और छिंदवाड़ा में सड़कों का जाल बिछाया। यह हैं विकास के प्रतीक कमलनाथ। मध्‍यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ 40 साल से ज्‍यादा वक्त से राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन क्या मध्यप्रदेश में ही उन्हें पहचान की ज़रूरत है क्या? इस पोस्टर के लगाए जाने के बाद ये सवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस दफ्तर समेत जगह-जगह पोस्टर-बैनर के जरिए कमलनाथ की पहचान बताना शुरू किया है।


कांग्रेस कार्यक्रर्ताओं ने राहुल गांधी के भी लगाए थे पोस्टर: कमलनाथ से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के एमपी दौरे पर शिवभक्त और रामभक्त के पोस्टर लगाए थे। राहुल के भोपाल दौरे पर शिवभक्त के पोस्टर लगे थे वहीं, विंध्य क्षेत्र के दौरे पर राहुल के रामभक्त के पो्टर लगे हुए थे।

कौन हैं कमलनाथ: कमलनाथ का जन्म 18 नवम्बर 1946 को हुआ। देहरादून के दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ ने कोलकाता के सेंट ज़ेवियर कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। वो 34 साल की उम्र में वो छिंदवाड़ा से जीत कर पहली बार लोकसभा पहुंचे थे। वो चुनाव अभियानों के लिए हेलीकॉप्टरों और सैटेलाइट फोन इस्तेमाल करने वाले शुरूआती नेताओं में से एक हैं।

Updated on:
05 Oct 2018 09:37 am
Published on:
05 Oct 2018 09:36 am
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