कांग्रेस के इस विधायक को 10 साल पुराने मामले में हुई जेल...
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 साल पुराने मामले पर फैसला देते हुए कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को सेंट्रल जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार ये 10 वर्ष पूराना मामला एक सड़क को लेकर है जिसमें पटवारी ने सड़क की मांग को लेकर इंदौर के खुड़ैल थाना इलाके में आंदोलन किया था।
गौरतलब है कि विधायक और सांसदों के मामले की सुनवाई राजधानी की विशेष अदालत कर रही है। इसी कड़ी में 10 साल पुराने मामले में विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह ने कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को जेल भेजने के आदेश दिए।
ऐसे समझें पूरा मामला...
जीतू पटवारी ने इंदौर के पास खुड़ैल थाना क्षेत्र के बरेठा गांव में सड़क का निर्माण नहीं होने पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया था।
ये आंदोलन जीतू पटवारी की अगुवाई में किया गया था। इस दौरान पुलिस कर्मियों से पटवारी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प भी हुई थी।
पटवारी पर पुलिसकर्मियों से मारपीट की धाराएं लगी थी। पिटाई के इसी मामले में पटवारी का जेल वारंट जारी हुआ।
वहीं एक अन्य मामले में पटवारी, सत्यनारायण पटेल, सुरजीत चड्ढा, पिंटू जोशी, अर्चना जायसवाल, अभय वर्मा एवं नवीन रैकवार को कोर्ट ने जमानत दे दी।
इधर, 2000 के नोट पर ये बोले वित्तमंत्री:
मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने देशभर में करेंसी की कमी को स्वीकार करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में करेंसी की कमी की वजह से ही एटीएम से पैसा निकल नहीं पा रहा है।
2 हजार के नोट की कालाबाजारी वाली बात पर भी उन्होंने कहा कि इसे अस्वीकार नहीं किया जा सकता। कुछ लोगों ने बड़े नोट अपने पास जमा कर लिए हैं। यह जांच के बाद ही सामने आएगा कि कैश की किल्लत की वजह क्या है।
मंत्री मलैया ने कहा कि मप्र सरकार ने किसानों के खाते में करोड़ों रुपए ट्रांसफर किए हैं। कैश की कमी की वजह से वे पैसा नहीं निकाल पा रहे। इस पर सरकार ने उन्हें कहा है कि वे अभी कम पैसा निकाले बाद में उनके लिए चेक की व्यवस्था की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार भी इस बात को लेकर चिंतित है, सोमवार को इस मुद्दे पर एक बैठक भी होने वाली थी, लेकिन वो कैंसल हो गई। मंत्री ने कहा कि हम केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और जल्द ही यह समस्या सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।