फेफड़ों के साथ-साथ दिमाग पर भी बुरा प्रभाव डालता है कोरोना
भोपाल। कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश में संक्रमित लोगों का आंकड़ा 4426 पहुंच चुका है। लगातार सावधानियों के बावजुद भी कोरोना फैलता जा रहा है और लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इंदौर और भोपाल में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। कोरोना के लक्षणों के बारे में मरीजों ने बताया कि, सभी को में अलग-अलग लक्षण दिखाई दिए थे।
हालांकि, डॉक्टर्स के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है, क्योंकि वायरस फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित करता है। लेकिन एक नए शोध के बाद पता चला की यह खतरनाक वायरस सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि शरीर के अन्य अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। आइए जानते हैं कोरोना वायरस किन-किन अंगों को प्रभावित करता है...
डॉक्टर्स के मुताबिक जो लोग पहले से किसी बड़ी बीमारी की चपेट में हैं उन्हें कोरोना बहुत जल्दी अपने प्रभाव में ले लेता है। वहीं अमेरिका, इटली और चीन में हुए शोधों में इस बात के सबूत मिले हैं कि कोरोना वायरस हृदय को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। इसके कारण होने वाली मौतों में हृदय रोग से पीड़ित लोगों की संख्या ज्यादा है। इतना ही नहीं कोरोना से संक्रमित मरीजों के हृदय कोशिकाएं भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के प्रमाण मिले हैं।
फेफड़ों पर डालता है बुरा प्रभाव
कोरोना वायरस के लक्षणों में सबसे पहला लक्षण है सांस लेने में तकलीफ जो कि व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित करता है। चीन में हुए शोध के मुताबिक, कोरोना से ठीक हुए मरीजों के फेफड़ों के कुछ हिस्से ने काम करना बंद कर दिया, पता चला कि कोरोना के प्रभाव के कारण फेफड़े सिकुड़ जाते हैं जिससे की व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है।
कोरोना दिमाग को भी प्रभावित करता है
कोरोना वायरस को लेकर जापान में हुए शोध के अनुसार, एक मरीज को मिर्गी के दौरे पड़ने लगे, डॉक्टर्स ने बताया के व्यक्ति के दिमाग में सूजन आ गई। इसके अलावा डॉक्टर्स ने बताया कि व्यक्ति के दिमाग तक कोरोना पहुंच चुका है। जापान के शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर कोरोना दिमाग तक पहुंचता है तो वह दिमाग की कोशिकाओं को बुरी तरह से ख्तम करना शुरु कर देता है।
किडनी भो हो सकती है प्रभावित
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना अगर किसी ऐसे व्यक्ति को हो जिसे निमोनिया हो तो ऐसे व्यक्ति की किडनी को बहुत नुकसान पहुंचता है। क्योंकि कोरोना और निमोनिया की दवा लेने से व्यक्ति के फेफड़ों में जमा द्रव हटने लगता है और मरीज इन दवाईयों को खाता है जिससे किडनी में होने वाली ब्लड सप्लाई प्रभावित होती है। कोरोना वायरस के कारण खून जमने की स्थिति में भी किडनी तक ब्लड नहीं पहुंच पाता और किडनी बुरी तरह प्रभावित हो जाती है।
नसों में भी सूजन
कोरोना वायरस के कारण शरीर की नसों में भी सूजन देखने को मिला है। ज्यूरिख यूनिवर्सिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने बतया कि, नसों के जरिए ही खून शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचता है। नसों में सूजन के कारण खून जहां पहुंचना चाहिये वहां नहीं पहुंच पाता इस कारण दिमाग समेत शरीर के दूसरे अंग भी काम करना बंद कर देते हैं, जो मौत का कारण बनता है।