Cough Syrup Case: कफ सिरप से कहर की पत्रिका में खबर छपने के बाद दिल्ली में हलचल मची। स्वास्थ्य मंत्रालय एक्शन में आया तो सीडीएससीओ भी सक्रिय हुआ। सभी दवा निर्माता कंपनियों के ऑडिट का निर्णय लिया।
Cough Syrup Case: मध्यप्रदेश और राजस्थान में जानलेवा कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने देशभर में सभी कफ सिरप कंपनियों का ऑडिट करने का फैसला किया है। इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कफ सिरप निर्माताओं की सूची मांगी गई है। इसके साथ ही क्वालिटी और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है।
सीडीएससीओ सूत्रों के अनुसार, देशभर में कफ सिरप निर्माताओं की नियमित निगरानी के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित प्रणाली स्थापित की जा रही है। संगठन के अधिकारियों ने 'पत्रिका' से बातचीत में इसकी पुष्टि की।
अधिकारियों ने बताया कि हम सिरप बनाने वाले सभी निर्माताओं का ऑडिट शुरू कर रहे हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी। गौरतलब है कि कफ सिरप नमूनों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मौजूदगी मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की दवा निगरानी प्रणाली को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दो और दवाओं में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मात्रा अधिक मिलने के बाद केंद्र ने उत्पादन पर रोक लगाते हुए बाजार से बैच वापिस मंगवाने के निर्देश दिए हैं। इनमें रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर व गुजरात की शेप फार्मा प्राइवेट लिमिटेड की दवा रीलाइफ के नाम हैं।