Khatu shayam- यह कैसी इंसानियत! सामाजिक ताने-बाने पर सवाल करती राजगढ़, श्योपुर की घटना से प्रदेश शर्मसार…
Khatu Shyam- राजगढ़/श्योपुर. अंधविश्वास में एक दंपती ने इंसानियत को तार-तार कर दिया। उन्होंने अपनी ही गोद ली बच्ची को मनहूस मानते हुए सड़क पर छोड़ दिया। बेचारी मासूम बच्ची रोती रह गई। पुलिस ने बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया में डालकर अभिभावकों को पता लगा लिया। उनसे पूछताछ की तो पता चला कि व्यापार में घाटा होने की वजह से मासूम बच्ची को छोड़ दिया था।
राजगढ़ के आकाश मूंदड़ा ने पहली पत्नी को तलाक देकर कृतिका से शादी की। संतान नहीं हुई तो बच्ची को कथित तौर पर गोद लिया। सब ठीक चल रहा था। अचानक व्यापार में घाटा होने लगा तो अंधविश्वासी दंपती ने ढाई साल की बच्ची को मनहूस मान लिया। उसे छोड़ देने की प्लानिंग की।
आकाश-कृतिका कार से खाटू श्याम के लिए निकले। श्योपुर जिले में मानपुर थाना क्षेत्र में अलसुबह 5 बजे सड़क पर मासूम को छोड़ दिया। 18 अप्रेल को सुबह सोंईकलां कस्बे के पास नेशनल हाईवे-552 पर बच्ची रो रही थी। पास ही ईंट भट्टे पर रहने वाले सोनू आर्य ने देखा तो संभालने का प्रयास किया। पुलिस को सूचना दी। मानपुर पुलिस ने बच्ची को बाल कल्याण समिति व वन स्टॉप सेंटर की टीम को सौंप दिया।
पुलिस ने अभिभावकों की तलाश के लिए बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली। भोपाल की एक महिला ने बच्ची को पहचान लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस सक्रिय हुई और 23 अप्रेल को भोपाल से आकाश, कृतिका मूंदड़ा को गिरफ़्तार किया। दोनों से पूछताछ हुई तो सारा भेद खुल गया।
एमपी के ही नीमच में भी रिश्तों व मानवीयता को तार तार कर देनेवाली घटना घटी। यहां दहेज की मांग और बेटी के जन्म से खफा ससुराल वालों ने बहू को जबरन खाने में जहर खिलाकर मारने की कोशिश की। महिला आइसीयू में जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
देपालपुरा में रहनेवाली 22 साल की पीडि़ता किरण ने बताया, 4 साल पहले उसकी शादी दीपक बंजारा से हुई। तब से सास कंकूबाई पति खीमा और जेठानी बतूल बंजारा आए दिन झगड़ा करती थी। उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करती थी।
6 माह पहले उसने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद प्रताडऩा बढ़ गई। शनिवार सुबह सास ने खाने में जहर मिलाया और जबर्दस्ती खिला दिया। तबीयत बिगड़ी तो गंभीर हालत में ससुराल वाले उसे मनासा अस्पताल में छोड़ भागे।