
sarthak yadav death at AIIMS Bhopal (एम्स भोपाल में 3 साल के मासूम की मौत का मामला Photo Source- Patrika)
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एम्स से एक बेहद चौंकाने नावा मामला सामने आया है। एम्स भोपाल में ब्लड कैंसर से पीड़ित 3 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि, मासूम की इस तरह हुई मौत का कारण दो नर्सिंग अधिकारियों को बताया जा रहा है। इधर, मामले में बागसेवनिया थाना पुलिस ने दोनों नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की, जिसमें अस्पताल स्टाफ की गंभीर लापरवाही के चलते मासूम की मौत होना सामने आया। जांच में ये भी सामने आया कि नर्सिंग अधिकारी द्वारा मासूम को गलत इंजेक्शन (शव संरक्षित करने वाला) लगा दिया था, जिससे उसकी मौत हुई।
एम्स भोपाल में भर्ती तीन वर्षीय सार्थक यादव की मौत के मामले में बागसेवनिया पुलिस ने नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला शर्मा और नर्स अनुका गुजराती पर लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया है। सार्थक की मौत फॉर्मेलिन जैसे खतरनाक रासायनिक पदार्थ के नस के जरिए शरीर में जाने से हुई थी। थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार, दोनों नर्स की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई है।
सागर जिले के ग्राम कौरजा में रहने वाले बच्चे के पिता सिद्धार्थ यादव ने बताया कि, सार्थक को बुखार की शिकायत थी तो 15 दिसंबर 2025 को एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड-2 में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसका बोन मैरो एस्पिरेशन और बायोप्सी परीक्षण होना था।
पुलिस ने बताया कि, सार्थक की आइवी लाइन चोक हो गई थी। नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला ने सिरिंज उठा ली। इसके बाद उन्होंने सिरिंज में मौजूद पदार्थ की जांच नहीं की और न ही लेबल को ठीक से देखा था।
बच्चे के पिता सिद्धार्थ यादव ने नर्स को तीन बार चेताया कि, सिरिंज में आईवी फ्लूड नहीं है और बिना डॉक्टर से पूछे इसे बच्चे को नहीं लगाया जाए। इसके बावजूद नर्स मधुबाला ने इसे नजर अंदाज किया और उल्टे बच्चे के पिता से कहा- 'तुम डॉक्टर नहीं हो', फिर सिरिंज में भरा फॉर्मेलिन रासायनिक केमिकल को बच्चे की नस में इंजेक्ट कर दिया, जिसके कुछ देर के भीतर ही बच्चे की तड़प - तड़पकर मौत हो गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, नर्स मधुबाला शर्मा ने घोर लापरवाही करते हुए गलत इंजेक्शन लगाया था और नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती ने खतरनाक रासायनिक पदार्थ को असुरक्षित तरीके से मरीज के बेड के पास रखा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 15 दिसंबर 2025 को एम्स भोपाल में इलाज के लिए भर्ती किए गए 3 वर्षीय सार्थक यादव को बीते 17 दिसंबर 2025 को आरोपी नर्सिंग अधिकारी गलत इंजेक्शन फॉर्मेलिन लगाया था। जांच में गंभीर लापरवाही उजागर होने के बाद दो अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। एम्स भोपाल में हुई इस गंभीर लापरवाही से पहले से कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे मासूम की जान चली गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि, मृत सार्थक के पिता ने इंजेक्शन लगाने से पहले नर्सिंग अधिकारी को चेताया भी था, बावजूद इसके उन्होंने मासूम को फॉर्मेलिन इंजेक्शन इंजेक्ट कर दिया। बताया जाता है कि, केस की मर्ग डायरी पहले बीना भेजी गई थी और 93 दिन बाद डायरी वापस आने के बाद आरोपी दो नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
फॉर्मेलिन एक बहुत तीखी गंध वाला, रंगहीन और विषैला तरल रसायन है। फॉर्मेलिन का मुख्य उपयोग बायोलॉजिकल सैंपल के संरक्षण के लिए किया जाता है। मेडिकल और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में इसका उपयोग मानव अंगों, मृत जीवों और बायोप्सी टिश्यूज (ऊतकों) को लंबे समय तक सड़ने से बचाए रखने के लिए होता है।
Updated on:
14 Jun 2026 09:49 am
Published on:
14 Jun 2026 08:44 am
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