
Bhopal become cyber fraud hub (साइबर ठगी का गढ़ बना भोपाल- Photo Source- Patrika)
Cyber Fraud Hub :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल साइबर ठगों का गढ़ बनता जा रहा है। साइबर ठग यहां लगातार नए - नए तरीके और पैतरे अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। शहर में एकाएक सामने आए तीन मामलों में एक ओर रिटायर्ड अधिकारी को शेयर बाजार, आइपीओ में निवेश और अधिक मुनाफे के नाम पर रेस्टोरेंट संचालक से ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ एमपी साइबर पुलिस समय - समय पर ठगी के इन तरीकों से बचाव के अलर्ट जारी करती है, जो विफल साबित हो रहे हैं।
शहर में हुए ठगी के मामलों में दर्ज पहले केस में रिटायर्ड अधिकारी को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 28 लाख रुपए की ठगी की गई है। वहीं दूसरे केस में एक पिता को बेटी के परीक्षा परिणाम में सुधार कराने का झांसा देकर 90 हजार रुपए का चूना लगाया गया है, जबकि तीसरे मामले में एक रेस्टोरेंट संचालक से 18.34 लाख की ठगी की गई है। साइबर क्राइम पुलिस ने जीरो एफआइआर को साइबर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि स्नेह नगर मिसरोद निवासी प्रेमलाल राधेलाल कापसे गेल इंडिया लिमिटेड से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि अज्ञात नंबर से कॉल आया था और निवेश के बाद मुनाफा अधिक देने का दावा किया था। 28 अप्रैल को अमानसा इन्वेस्टमेंट लिमिटेड नामक एक वाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा। ऐश्वर्या पटेल नाम की एक महिला ने उनसे संपर्क कर आईपीओ में निवेश की सलाह दी। ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया, जहां उन्हें अपने निवेश और नकली मुनाफे की राशि दिखाई दे रही थी। आरोपियों ने उनसे अलग - अलग किस्तों में 28 लाख 14 हजार 884 रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
सबसे पहले एम स्टॉक एप के माध्यम से गोल्ड लाइन फार्मा आइपीओ में 15 लाख 5 हजार, फिर सिमका आइपीओ में 9 लाख 15 हजार रुपए और फिर तीसरी बार में किश्त आइपीओ में 1 लाख 36 हजार 884 रुपए का निवेश कराया गया। इसके अलावा एक अन्य कंपनी फार्लन सीएम के जरिए गोल्ड लाइन फार्मा आइपीओ में भी 2 लाख 58,000 रुपए ट्रांसफर कराए गए। मामले को लेकर थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि, प्रेमलाल के ट्रेडिंग अकाउंट के मेन स्क्रीन पर निवेश का मुनाफा दिखाया जा रहा था, जिसमें एम स्टॉक में 67 लाख 83 हजार 172 रुपए और फार्लन सीएम में 9 लाख 68 हजार 201 रुपए का मुनाफा शो कर रहा था।
इसी तरह से ठगी का दूसरा मामला हबीबगंज थाना में दर्ज हुआ है। इसमें अंकुर कॉम्प्लेक्स मेंरहने वाले अमित खरे अपनी बेटी के बोर्ड परीक्षा में कम अंक आने से परेशान थे। उनकी बेटी को 12वीं की परीक्षा में 65 प्रतिशत अंक मिले थे। इसी दौरान उन्होंने एक विज्ञापन देखा, जिसमें दावा किया गया था कि योजना के तहत परीक्षा देकर कम समय में नंबर और प्रतिशत में सुधार कराया जा सकता है।
इसके अलावा तीसरा मामला टीटी नगर थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां एक निजी रेस्टोरेंट संचालक ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हुआ है। ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे भी 18 लाख 34 हजार रुपए की ठगी की है। फरियादी पवन अग्रवाल ने शिकायत में बताया कि 4 अप्रैल को फेसबुक पर उन्हें ट्रेडिंग से जुड़े एक विज्ञापन की जानकारी मिली। विज्ञापन देखने के बाद उनकी अज्ञात लोगों से बातचीत शुरू हुई। ठगों ने खुद को ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताते हुए निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ट्रेडिंग खाता खुलवाने के नाम पर सबसे पहले 96 हजार रुपए ट्रांसफर कराए गए। फिर अलग अलग तरीकों से 18 लाख 34 हजार रुपए जमा कराए गए हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।
-तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
-साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और सभी साक्ष्य सुरक्षित रखें।
-अपने बैंक को तुरंत सूचना देकर संबंधित खाते, कार्ड या ट्रांजेक्शन को ब्लॉक कराने का प्रयास करें।
Published on:
13 Jun 2026 08:34 am
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