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Farmers Protest: ‘मांगें पूरी होंगी तभी लौटेंगे’… सात दिन का राशन लेकर भोपाल पहुंच गए किसान

MP Farmers Protest- मध्यप्रदेश के कई जिलों के सैकड़ों किसान भोपाल पुहंचे, बोले- मांगे नहीं मानी तो यहीं रहेंगे...। अलर्ट पर राजधानी भोपाल...।
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भोपाल

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Manish Geete

Jul 28, 2026

Madhya Pradesh Farmers Protest

Madhya Pradesh Farmers Protest- भोपाल जा रहे किसानों को 11 मील तिराहे पर प्रवेश करने से रोका,लेकिन किसान भोपाल में प्रवेश कर गए। (फोटो-पत्रिका)

Farmers Protest- मध्यप्रदेश में किसानों का पैदल मार्च भोपाल में पहुंच गया है। मंगलवार शाम 11 मील तिराहे से बैरिकेटिंग पर धक्का-मुक्की करते हुए किसान भोपाल में घुस गए हैं। किसान सीएम हाउस की तरफ बढ़ गए हैं। किसानों के आने की सूचना मिलने पर राजधानी में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। सीएम हाउस जाने वाले रास्तों पर बैरिकेटिंग कर दी गई है। 2000 हजार किसान भोपाल में प्रवेश कर चुके हैं, वहीं दावा 8 हजार किसानों के प्रवेश का किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश के किसान मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार चाहते हैं। इसी मांग को लेकर 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' निकाली जा रही है। किसानों की यात्रा मंगलवार को भोपाल पहुंच गई। यह यात्रा सोमवार को नर्मदापुरम से शुरू हुई थी। संयुक्त किसानों की इस यात्रा में 19 किसान संगठन शामिल हैं। इस यात्रा में नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, हरदा, टिमरनी, बैतूल के करीब आठ हजार किसानों के पहुंचने का दावा है। यह किसान सात दिन का राशन भी अपने साथ लेकर आए हैं और उनका कहना है कि वे वापस तभी लौटेंगे जब उनकी मांगें पूरी हो जाएंगी।

सावरकर सेतू के नीचे किसानों को रोका

मंगलवार शाम को किसान 11 मील से बैरिकेट्स तोड़ते हुए सावरकर सेतू के नीचे पहुंच गए हैं, जहां उन्हें पुलिसने रोक दिया है। किसान जय जवान, जय किसान के नारे लगा रहे हैं। नर्मदापुरम से आने वाले रास्ते को प्रशासन ने पहले से ही सील कर दिया गया था। 11 मील से ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने के कारण कटारा हिल्स रोड पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया है।

भोपाल में किसानों की एंट्री, कई जगह जाम

नर्मदापुरम रोड पर पर पहले ही जाम के हालात बने रहते हैं, ऐसे में यहां से ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने से आसपास के क्षेत्रों में जाम से लोग परेशान हो रहे हैं। वाहन रेंगते-रेंगते चल रहे हैं।

मंडीदीप और औबेदुल्लागंज में भी रोका

इससे पहले नर्मदापुरम में सोमवार को किसानों ने सेठानी घाट पर प्रदर्शन किया। यह किसान भोपाल कूच करना चाहते थे। लेकिन कई किसानों को तो नर्मदापुरम में ही रोक दिया गया, लेकिन कई किसान भोपाल की तरफ आगे बढ़ने में सफल हो गए। इसके बाद इन किसानों को बुदनी में रोका गया, इसके बाद औबेदुल्लागंज में फिर मंडीदीप में रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन यह किसान भोपाल की तरफ आगे बढ़ते गए।

तिरंगा लेकर चल पड़े किसान

नर्मदापुरम और आसपास के करीब दो हजार किसान अपने साथ तिरंगा लेकर भोपाल पहुंच गए। इनके पीछे-पीछे ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता जा रहा है। खास बात यह है कि किसान अपने साथ कुछ दिनों का राशन भी साथ लाए हैं। किसानों का कहना है कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

यह है मांग

किसान मूंगकी 100 फीसदी खरीदी की गारंटी चाहते हैं।
खाद वितरण की लचर व्यवस्था को तुरंत सुधारने की मांग कर रहे हैं।
किसानों के लंबित मुद्दों पर भी फैसला होना चाहिए।

'किसानों की चिंता करती है मोहन सरकार'

इधर, बीजेपी नेता सुमेर सिंह सोलंकी ने किसान आंदोलन और खरीद कोटे को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया। बीजेपी नेता सुमेर सिंह सोलंकी कहते हैं, "ऐसा कुछ भी नहीं है। बिल्कुल भी नहीं। दोनों सरकारें एक ही पार्टी की हैं और दोनों सरकारें हर भारतीय का ख्याल रखती हैं। हो सकता है कि आपको कहीं से कोई जानकारी मिली हो, लेकिन हमारी जानकारी के मुताबिक, हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास और सबके प्रयास' के मंत्र के साथ भारत के 140 करोड़ भाई-बहनों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं…" किसान आंदोलन पर बीजेपी नेता सुमेर सिंह सोलंकी कहते हैं, "मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में किसान भाई-बहनों के कल्याण के लिए लगातार काम किया जा रहा है। चाहे प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हो या मध्य प्रदेश सरकार, हमारी सरकार किसान भाई-बहनों की लगातार चिंता करती है…"