भोपाल

चुनाव से पहले मुश्किल में ये दिग्गज नेता, हाईकोर्ट ने दिया नोटिस

मध्यप्रदेश में भाजपा के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक को हाईकोर्ट ने नोटिस देकर शैक्षणिक योग्यता के बारे में जवाब मांगा है, यह याचिका कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी की तरफ से लगाई गई थी....।

2 min read
May 18, 2019
bjp

भोपाल। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। टिकट बंटवारे के वक्त उन पर जानबूझकर लोन नहीं चुकाने के आरोप लगाते हुए बैंक ने उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया था। इसके बाद अब उन पर शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप लगे हैं। हाईकोर्ट ने इस संबंध में पटवा से जवाब मांगा है।

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा के दत्तक पुत्र सुरेंद्र पटवा भोजपुर से विधायक हैं। वे शिवराज सरकार में पर्यटन मंत्री थे। पहले से डिफाल्टर घोषित पटवा पर अब शैक्षणिक योग्यता गलत बताने का आरोप लगा है। इस संबंध में कांग्रेस नेता ने एक याचिका भी हाईकोर्ट में लगाई है। जिस पर चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

याचिका में कहा गया है कि सुरेंद्र पटवा ने शपथ पत्र में जानकारी दी थी कि सन् 1984 में उन्होंने स्नातकोत्तर किया है। जबकि इससे पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त दिए शपथ पत्र में उन्होंने 1983 में स्नातक होने की जानकारी दी थी। इस पर संदेह उठाते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी एवं दिग्गज नेता सुरेश पचौरी ने सवाल उठाया है। साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी प्रस्तुत किया है, जिसमें सुरेंद्र पटवा कार्यकर्ताओं से दस-दस वोट देने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं।

हाईकोर्ट ने मांगा चार सप्ताह में जवाब
मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने विधायक सुरेंद्र पटवा, चुनाव आयोग और भोजपुर के रिटर्निंग ऑफिसर को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति जेपी गुप्ता की एकल पीठ ने अनावेदकों को चार सप्ताह में इस नोटिस का जवाब देने को कहा है।

पचौरी बोले- एक साल में पोस्ट ग्रेजुएशन कैसे किया
भोजपुर से पराजित प्रत्याशी सुरेश पचौरी का कहना है कि एक साल में ही वे पोस्ट ग्रेजुएशन कैसे कर सकते हैं? पचौरी की तरफ से अधिवक्ता अमित सिंह और अतुल जैन की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा, चुनाव आयोग एवं भोजपुर के रिटर्निंग ऑफिसर को नोटिस देकर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

पहले से डिफाल्टर हैं पटवा
बैंक ऑफ बड़ौदा ने फरवरी माह में भी सार्वजनिक तौर पर लोगों को सूचित किया था कि सुरेंद्र पटवा की संपत्ति तब तक नहीं बिक सकती जब तक की बैंक को 34 करोड़ रुपए नहीं चुका दिए जाए। बैंक ने इंदौर और उज्जैन की सपंत्तियों पर प्रवर्तन अधिनियम 2002 की धारा 13 (12) सपठित नियम 9 के अंतर्गत ऋण लेने वालों से सूचना प्राप्त की तारीख से 60 दिन का समय दिया था, जिसमें लोन चुकाना था। लेकिन उन्होंने नहीं चुकाया। बैंक ने सांकेतिक आधिपत्य अधिनियम की धारा 13 (4) सपठित नियम के अनुसार लोगों को सतर्क कर रखा है कि वे सुरेंद्र पटवा, मोनिका पटवा, भरत पटवा, महेंद्र पटवा, फूलकुंवर बाई पटवा के नाम की संपत्ति बैंक के पास गिरवी है इसे अभी बेचा नहीं जा सकता है।


10 लाख का चेक बाउंस, हो सकती है सजा
इससे पहले फरवरी 2018 में भी मंत्री सुरेंद्र पटवा पर केस दर्ज हो चुका है। उनके खिलाफ धारा 138 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था। पटवा पर 10 लाख रुपए का चेक बाउंस हो गया था। इंदौर के हरीश ट्रेडर्स ने 2015 में मंत्री सुरेंद्र पटवा को ब्याज पर 10 लाख रुपए दिए थे। चेक बाउंस होने के बाद इंदौर की जिला कोर्ट ने केस दर्ज करने के आदेश दिए थे।

Published on:
18 May 2019 03:32 pm