भोपाल

बड़ी खबर : भारत-पाक तनाव के बीच सिमी के 5 आतंकियों को उम्रकैद की सजा

अदालत ने सुनाया फैसला - भारत-पाक तनाव के बीच सिमी के 5 आतंकियों को उम्रकैद की सजा
2 min read
News Satna, satna crime, satna latest news
News Satna, satna crime, satna latest news

मध्यप्रदेश में आतंक का पर्याय बने प्रतिबंधित संगठन सिमी के आतंकी अब्दुल अजीज, जावेद, अब्दुल वाहिद, जुबेर और मोहम्मद आदिल को अदालत ने उम्रकैद और 10-10 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आतंकी गतिविधियों के लिए भारी मात्रा में डिटोनेटर, प्राईज्ड बम, सुपर पॉवर एक्सप्लोसिव, जिलेटिन आदि विस्फोटक पदार्थ अपने कब्जे मे रखने को लेकर दर्ज देशद्रोह के मामले में अदालत ने यह सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश एनआईए एक्ट गिरीश दीक्षित ने यह फैसला सुनाया है। पांचों आतंकी मालवा क्षेत्र के रहने वाले हैं। अदालत ने सह आरोपी अबू फैजल, उमेर दण्डोती, साजिद, सादिक और इरफान नागौरी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। मामले में पैरवी करने वाले जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि एटीएस ने 1 जनवरी 2014 को महिदपुर के किदवई मोहल्ला स्थित खण्डहर से सिमी के आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया था। सिमी के आतंकियों ने एटीएस के दल को देखकर प्राइज्ड बम फोडकर बचने का प्रयास किया था। हालांकि एटीएस ने घेराबंदी कर भारी मात्रा मे असला-बारूद बरामद किया था। आतंकियों के हमले में आतंकियों के पास से 8 सौ जिलेटिन की छडें, 540 डिटोनेटर, 1 जिलेटिन बम, 1 पाइप बम, 11 प्राइज्ड बम जब्त किए गए थे।
बडी वारदात को अंजाम देने की थी तैयारी

जांच में यह बात सामने आई थी कि बरामद विस्फोटक उच्च प्रवर्ग के थे। पूछताछ में आतंकियों ने कबूला था कि प्रदेश में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी। जांच के बाद एटीएस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, विधि विरूद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत सिमी आतंकियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था।


रिश्वत लेने वाले पटवारी को 4 साल की कैद

भोपाल।

फौती नामांतरण के एवज में किसान के बेटे से 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकडाए तहसील हुजूर पटवारी हल्का नंबर 2 के पटवारी सत्यानारायण बिल्लोरे को अदालत ने 4 साल के सश्रम कारावास-40 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश लोकायुक्त संजीव पाण्डेय ने गुरूवार को यह फैसला सुनाया है। सजा के बाद सत्यनारायण बिल्लोरे को जेल भेज दिया गया। लोकायुक्त पुलिस के वकील विवेक गौड ने बताया कि अरविन्द धनगरने लोकायुक्त पुलिस 2 जनवरी 2015 को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता की सितंबर 2014 में मौत हो गई थी। पटवारी सत्यनारायण बिल्लोरे पिता से बंटवारा करने के एवज मे 30 हजार रूपये ले चुका था। पिता की मौत के बाद जमीन के फौती नामांतरण करने और बही बनाने के एवज में पटवारी बिल्लोरे 7 हजार रूपये की मांग कर रहा है। शिकायत की तस्दीक के बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने सत्यानारायण बिल्लोरे को 3 जनवरी 2015 को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।

Published on:
01 Mar 2019 10:13 am