भोपाल

मूक बधिरों का यौन उत्पीडन करने वाले संचालक को 5 साल की कैद

अदालत ने सुनाया फैसला

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Dec 17, 2019
जानिए किसके यौन उत्पीडन त्रस्त होकर घर से भागी पन्द्रह साल की लडक़ी ?

साई विकलांग संस्था बैरागढ में मूक बधिर बच्चों का यौन उत्पीडन करने वाले संचालक एमपी अवस्थी को अदालत ने 5 साल के सश्रम कारावास- 42 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में सहकर्मी विजय मिश्रा को 1 साल के कारावास- 23 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुमुदनी पटेल ने यह फैसला सुनाया।

बच्चियां भी शामिल थी

सरकारी वकील टीपी गौतम ने बताया कि संचालक सामाजिक जन एव निशक्त जन कल्याण ने शिकायत मिलने के बाद सांई विकलांग संस्था की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। जांच में सामने आया कि संस्था में करीब 100 मूक बाधिर बच्चों का पंजीयन था। इनमें बच्चियां भी शामिल थी।

मुकदमा दर्ज किया था

पूछताछ में बच्चियों ने बताया था कि संचालक एमपी अवस्थी उनसे हाथ पैर दबवाता था और उनका यौन उत्पीडन करता था। कमेटी की शिकायत पर पुलिस थाना खजूरी सडक ने एमपी अवस्थी और सहकर्मी विजय मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

भविष्य निधि कार्यालय सहायक आयुक्त-प्रवर्तन अधिकारी सहित 8 को 3 साल की कैद

कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय ग्वालियर में वर्ष 2003 के दौरान हुए करीब 20 लाख रूपये के गबन के मामले में अदालत ने सहायक भविष्य निधि आयुक्त विनोद कुमार शर्मा, प्रवर्तन अधिकारी विजय शर्मा, सेक्शन सुपरवाईजर केसी जैन सहित 5 फर्जी खाता धारकों विमल चौहान, रामराज, विजय सिंह गौर, सुन्दर सिंह और ताहर सिंह को 3-3 साल के सश्रम कारावास- 84-84 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

विशेष सत्र न्यायाधीश सीबीआई आलोक अवस्थी ने यह फैसला सुनाया। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के अधिकारियों ने मैसर्स सांड ज्वेरड यूनियन प्राईवेट लिमिटिड के 5 फर्जी कर्मचारियों के खाते में डालकर करीब 20 लाख रूपये का घोटाला किया था। सीबीआई के वकील कमालउद्दीन ने बताया कि शिकायत मिलने पर सीबीआई ने वर्ष 2003 में एफआईआर दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधडी, दस्तावेजों में कूटरचना का मुकदमा दर्ज किया था।

परीक्षार्थी- स्कोरर सहित 3 को 7 साल की कैद

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाला 2012 के मामले में अदालत ने परीक्षार्थी अमित गौर, स्कोरर नितेश कुमार उर्फ मोंटू और रैकेटियर पंकज कुमार को 7-7 साल के सश्रम कारावास- जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश सीबीआई राकेश कुमार शर्मा ने यह फैसला सुनाया है।

सीबीआई के वकील मनुजी उपाध्याय ने बताया कि पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 30 सित बर 2012 को आयोजित की गई थी। पिपलानी डीएबी स्कूल स्थित परीक्षा केन्द्र पर जांच के दौरान अमित गौर की जगह परीक्षा देते नितेश कुमार उर्फ मोंटू को पकडा गया था। नितेश कुमार कूटरचित प्रवेश पत्र पर परीक्षा देने पहुंचा था। रैकेटियर पंकज कुमार ने स्कोरर नितेश कुमार को अमित गौर की जगह परीक्षा देने की व्यवस्था की थी।

Published on:
17 Dec 2019 08:43 am
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