
भोपाल/ सवा किलो गांजे के साथ पकडाए मुबारकपुर निवासी नरेन्द्र मीणा को अदालत ने 3 साल के सश्रम कारावास- 10 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राजेन्द्र चौरसिया ने यह फैसला सुनाया है।
उप संचालक अभियोजन केके सक्सेना ने बताया कि नरेन्द्र मीणा ट्रक ड्राइवरों के जरिए गांजा सप्लाई करता था। परवलिया सडक पुलिस को 24 अगस्त 2017 को सूचना मिली थी कि परवलिया रोड स्थित कंकाली ढाबे केे पास नरेन्द्र गांजा की खेप लिए खडा है। पुलिस ने घेराबंदी कर नरेन्द्र मीणा को करीब सवा किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था।
नाले में मेडिकल वेस्ट फैकने पर अस्पताल पर लगा 10 हजार रूपये का जुर्माना
नाले में अस्पताल का मेडिकल वेस्ट फैंकना कोलार स्थित एक अस्पताल को भारी पड़ गया। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग अमले ने स्पॉट फ ाइन करते हुए अस्पताल पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगया। प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अजय श्रवण के अुनसार शिकायत मिलते ही बीमाकुंज स्थित नाले का निरीक्षण किया गया।
आसपास के लोगों से पूछताझ मे पता चला कि यह संक्रमण मेडिकल कॉलेज से असोसिएट अस्पताल द्वारा फैंका गया है। जिस पर तुरंत कायज़्वाही करते हुए अस्पताल प्रबंधन पर जुर्माना लगाया गया। उल्लेखनीय है कि मेडिकल वेस्ट सहित किसी भी प्रकार का कचरा खुले में फैकना प्रतिबंधित है। वहीं घरों से निकलने वाले गीले-सूखे कचरे को भी अलग कर ही निगम अमले को देना है। ऐसा न करने पर निगम जुर्माना लगा सकता है।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 पद पर चयन, जांच में पकड़ाया
भोपाल। फर्जी जाति प्रमाण पत्र की मदद से मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर चयनित एक अभ्यर्थी का जाति प्रमाण पत्र जांच में पकड़ा गया। हुजूर तहसील के रिकॉर्ड में प्रमाण पत्र के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्तव ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वाले के खिलाफ कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्तव बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग से नन्दकुमार नंदबार जाति अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जांच के लिये मिला था। जांच में वह गलत तरीके से कूटरचित कर बनाया गया है।