MP News: एआइ तकनीक से लैस ये कैमरे फेस रिकग्निशन जैसी आधुनिक सुविधाओं से जुड़े होंगे, जिससे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान की जा सकेगी।
MP News: शहर में प्रोजेक्ट सेफ गार्ड के तहत शहर में करीब 8,000 हाई-टेक ए-आइ आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के हर इलाके में रियल-टाइम निगरानी और किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। वर्तमान में भोपाल में लगभग 700 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनकी निगरानी एक पुलिस कंट्रोल रूम से की जाती है। लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यह सिस्टम और ज्यादा स्मार्ट और प्रभावी हो जाएगा। हालांकि पुराने कैमरे का नेटवर्क पुलिस मेंटेन नहीं कर पा रही है। बजट की कमी सबसे बड़ी वजह बताई गई है।
एआइ तकनीक से लैस ये कैमरे फेस रिकग्निशन जैसी आधुनिक सुविधाओं से जुड़े होंगे, जिससे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान की जा सकेगी। इन्हे डायल 112 इमरजेंसी सेवा से जोड़ा जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि घटना की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचेगी, भले ही किसी ने कॉल नहीं किया हो। सिस्टम किसी भी आपराधिक गतिविधियों जैसी घटनाओं को पहचान कर अलर्ट जारी करेगा।
निजी कैमरों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। करीब 1 लाख नए कैमरे लगाने के साथ-साथ 1 लाख निजी सीसीटीवी कैमरों को भी डायल-112 से इंटीग्रेट किया जाएगा। इसमें दुकानदार, बैंक और अन्य संस्थान 2000 रुपए मासिक शुल्क देकर अपने कैमरों को इस सिस्टम से जोड़ सकते हैं। इससे चोरी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंच जाएगी और तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। शहर के क्राइम रेट में भी कमी आएगी।
एआई कैमरों की मदद से किसी भी वांछित या फरार अपराधी की पहचान 30 सेकंड के अंदर की जा सकेगी। जैसे ही कैमरा किसी संदिग्ध व्यक्ति की तस्वीर कैप्चर करेगा, सिस्टम तुरंत संबंधित पुलिस थाने में अलर्ट भेज देगा। इसके अलावा, यह तकनीक लापता लोगों को ढूंढने में भी सहायक साबित होगी। तत्काल मदद पहुंचाने में बड़ी भूमिका इस एआई सिस्टम की होगी। इससे लोगों में डर भी रहेगा।
महिला कॉलेज, स्कूल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर इन कैमरों के जरिए विशेष नजर रखी जाएगी। यदि किसी जगह पर संदिग्ध गतिविधि या अधिक भीड़ दिखाई देती है तो तुरंत अलर्ट मिलते ही पुलिस कार्रवाई करेगी।
इस तकनीक को जल्द लागू करने की योजना है। इससे बड़ी संख्या में आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने में सहायता मिलेगी। रियाज इकबाल, डीआईजी, डायल-112