स्कूल प्राचार्यों के खाते में लैब के लिए जमा कराए गए थे 50-50 हजार रुपए
जिले के सरकारी स्कूलों में साइंस लैब मेंटेन करने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिन हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में लैब खोलने के लिए राशि जारी की थी, उसकी कंप्लायंस रिपोर्ट अभी तक जमा नहीं कराई गई है। शिक्षा सत्र 2013-14 में 112 प्राचार्यों के खाते में सरकार ने प्रति लैब 50 हजार रुपए की दर से राशि जमा कराई थी। इसमें हिदायत दी गई थी कि राशि का उपयोग सिर्फ विज्ञान लैब बनाने और संसाधन जुटाने में किया जाएगा। तीन साल बीतने के बाद भी जिले के एक भी सरकारी स्कूल के प्राचार्य ने राशि खर्च करने का हिसाब पेश नहीं किया। साइंस लैब भ्रष्टाचार और लापरवाही में खो गए। पत्रिका ने ईंटखेड़ी शासकीय शाला लैब का बदतर हालात देखे। मुआयना किया तो यहां भी रशीदिया स्कूल की तरह हालात नजर आए। बच्चों ने महीनों से लैब में प्रवेश नहीं किया था और प्राचार्य मोहम्मद हनीफ शाला परिसर में जगह की कमी की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए।
ये है सच...112 हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल जिलों में
50 हजार रुपए प्रति स्कूल आवंटित की गई राशि
03 साल कितने साल से जमा नहीं हुई कंप्लायंस रिपोर्ट
01 लाख कुल विद्यार्थी जिलों में अव्यवस्था से हुए प्रभावित
जिले के हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में लेब मेंटेन करने सरकार ने प्रति शाला 50 हजार रुपए की राशि आवंटित की थी। यदि इस राशि का उचित इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है तो जांच उपरात कार्रवाई की जाएगी।