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UP Politics: यूपी चुनाव 2027 से पहले सीट शेयरिंग पर गरमाई सियासत, लोकदल की दो टूक

BJP vs Opposition: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि 2027 में भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी को बड़ा दिल दिखाते हुए कांग्रेस समेत सहयोगी दलों को सम्मानजनक हिस्सेदारी देनी होगी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 15, 2026

2027 की तैयारी: भाजपा को रोकने के लिए सपा-कांग्रेस में बड़े समझौते की मांग (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासत तेज (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Lok Dal Chief Calls for Bigger SP-Congress Alliance to Challenge BJP in UP 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी बीच इंडिया गठबंधन की रणनीति और विपक्षी एकजुटता को लेकर नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देनी है और उसे सत्ता से बाहर करना है, तो समाजवादी पार्टी को बड़ा दिल दिखाना होगा तथा कांग्रेस समेत गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को सम्मानजनक हिस्सेदारी देनी होगी।

चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव केवल सरकार बदलने का चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, किसानों के अधिकारों और युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई भी होगी। ऐसे में विपक्षी दलों को अपने राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर साझा लक्ष्य के लिए काम करना होगा।

विपक्षी एकता ही भाजपा के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार

संविधान क्लब में आयोजित बैठक के दौरान चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने कई राज्यों में प्रभावी प्रदर्शन किया और जनता ने यह संकेत दिया कि वह मजबूत विपक्ष देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी यदि विपक्ष एकजुट रहता है तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गठबंधन की सफलता सीटों के गणित से नहीं, बल्कि सहयोगी दलों के बीच विश्वास और सम्मान से तय होगी। यदि सभी दल एक-दूसरे की राजनीतिक ताकत को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ते हैं, तभी भाजपा के खिलाफ प्रभावी मुकाबला संभव होगा।

कांग्रेस को मिले सम्मानजनक स्थान

चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है और उसका अपना जनाधार तथा राजनीतिक इतिहास रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे के दौरान कांग्रेस को उसकी ताकत और योगदान के अनुरूप सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गठबंधन तभी मजबूत बन सकता है जब सभी सहयोगी दल खुद को सम्मानित महसूस करें। छोटे और बड़े दलों के बीच समानता और परस्पर सम्मान का वातावरण ही मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर सामूहिक लक्ष्य को प्राथमिकता देना समय की मांग है।

2027 का चुनाव बताएगा प्रदेश की दिशा

लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उनके अनुसार यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के विकास मॉडल, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की दिशा तय करेगा।

उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश के सामने कई गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। किसानों की आय, युवाओं की बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दे आम जनता को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में विपक्ष का दायित्व है कि वह इन मुद्दों को मजबूती से उठाए और जनता के सामने एक स्पष्ट विकल्प प्रस्तुत करे।

किसानों की समस्याओं को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि देश का किसान आज भी अपनी फसलों के लिए कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग कर रहा है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समस्याओं का समाधान किए बिना विकास की बात अधूरी है। लोकदल लगातार किसानों के हितों की आवाज उठाता रहा है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

युवाओं की बेरोजगारी पर चिंता

बैठक में बोलते हुए चौधरी सुनील सिंह ने युवाओं की बेरोजगारी को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि लाखों शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि युवाओं को अवसर नहीं मिलेगा तो देश की विकास यात्रा प्रभावित होगी।

राहुल गांधी की भूमिका की सराहना

चौधरी सुनील सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार किसानों, युवाओं, सामाजिक न्याय, आर्थिक असमानता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते रहे हैं। उनके अनुसार विपक्ष की आवाज को मजबूती देने और जनता के सवालों को संसद तक पहुंचाने में राहुल गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों को उनके योगदान और नेतृत्व का सम्मान करना चाहिए।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा पर जोर

बैठक के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा देश के भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाना भी है। जनता की भागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की मूल आत्मा हैं और इन मूल्यों को बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट रहना होगा।

महंगाई और आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा

बैठक में बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि आम जनता रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान है। छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग भी आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगा और व्यापक जन जागरण अभियान चलाएगा। आर्थिक नीतियों और जनहित से जुड़े विषयों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया जाएगा।

लोकदल का संघर्ष जारी रहेगा

अपने संबोधन के अंत में चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल किसानों को कानूनी एमएसपी की गारंटी, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश को मजबूत बनाने की इस लड़ाई में लोकदल इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ा है। आने वाले समय में विपक्षी दल जनता के मुद्दों को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाएंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संयुक्त प्रयास करेंगे।