
भोपाल। लम्बे समय से डीए की आस लगाए बैठे कर्मचारियों की मांग जल्द पूरी होने की संभावना है। सरकार का प्रयास है कि दीपावली के पहले उन्हें डीए दे दिया जाए। इसके लिए वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रस्ताव भेज दिया है। निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर होना है। संभव है उप चुनाव के मतदान के पहले कर्मचारियों को यह सौगात मिल जाए।
कोरोनाकाल के चलते राज्य की वित्तीय हालात ठीक न होने के कारण कर्मचारियों का डीए रोक दिया गया था। इधर केन्द्र सरकार अपने कर्मचारियों का डीए बढ़ा चुकी है। ऐसे में केन्द्रीय कर्मचारियों की तुलना में राज्य कर्मचारियों को 16 प्रतिशत कम डीए मिल रहा है। जबकि इसके पूर्व यह व्यवस्था रही है कि जैसे ही केन्द्रीय कर्मचारियों का डीए घोषित होता था, वैसे ही राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए डीए घोषित कर देती थी। डीए का अंतर बढऩे से कर्मचारियों में नाराजगी भी बढ़ी है। उप चुनाव के चलते कर्मचारियों की नाराजगी देख भाजपा सरकार की चिंता बढ़ी है। ऐसे में सरकार पर दबाव बना है कि उप चुनाव के चलते मतदान के पहले कर्मचारियों के लिए डीए घोषित कर दिया जाए।
चुनाव आयोग से लेना होगी अनुमति -
प्रदेश की तीन विधानसभा और एक लोकसभा में उप चुनाव हो रहा है। ऐसे में सरकार डीए घोषित करती है तो उप चुनाव क्षेत्र के कर्मचारी भी प्रभावित होंगे। इसलिए सरकार ऐसा कोई काम नहीं करना चाहती जिससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन या मतदाताओं को प्रभावित करने जैसे आरोप लगे। यदि जरूरी हुआ तो डीए घोषित करने के पहले चुनाव आयोग की अनुमति ली जाएगी।