
meenakshi natrajan case: मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द मामले पर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं। (फोटो सोर्स: jitu patwari X handle)
Meenakshi Natrajan MP High Court: कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं। वे राज्यसभा चुनाव में नामांकन निरस्त मामले को लेकर एक चुनाव याचिका लगाएंगी। लेकिन हाईकोर्ट जाने से पहले वे एक्सपर्ट्स की सलाह ले रही हैं, ताकि अपना पक्ष स्पष्ट तरीके से रख सकें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें हाईकोर्ट से राहत जरूर मिल जाएगी। बता दें कि यह जानकारी खुद मीनाक्षी ने दी है। ये जानकारी उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।
इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था, किसानों के अधिकार, प्रदेश की जमीन और देश की आस्था सभी गंभीर संकट में हैं। कांग्रेस पार्टी इन सभी मुद्दों पर जनता की आवाज बनकर संघर्ष करेगी। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में नामांकन निरस्त होने के मामले पर भी भाजपा को घेरा और निर्वाचन आयोग को कंप्रोमाइज्ड बताया।
उन्होंने साफ कहा कि नामांकन निरस्त होने के लिए कांग्रेस के किसी नेता या फॉर्म भरने वालों की बिल्कुल भी गलती नहीं थी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता में उन्होंने यह जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि नामांकन फॉर्म में किसी नोटिस की जानकारी भरने वाला कोई कॉलम ही नहीं था। इसलिए नामांकन निरस्त करने का आधार ही गलत था। कहा, झारखंड में उम्मीदवार परिमल नाथवानी को सुधार के लिए समय दिया गया, जबकि मध्यप्रदेश में उन्हें ऐसा कोई अवसर ही नहीं मिला।
बता दें कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन मामला साल 2026 में अब तक का सबसे चर्चित राजनीतिक मामला रहा है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए आवेदन करने वाली मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 9 जून 2026 को रद्द कर दिया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें इसका कारण बताते हुए कहा था कि उन्होंने अपने फॉर्म-26 में कोर्ट में लंबित आपराधिक शिकायत की जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि आपके खिलाफ हैदराबाद की एक अदालत में यह शिकायत की गई थी और यह महत्वपूर्ण जानकारी आपने छिपाई। आपने अधूरा हलफनामा दिया है।
नामांकन रद्द करने के कारण को उचित न बताते हुए कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। कांग्रेस का कहना था कि नटराजन के खिलाफ इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं है। यह मामला केवल एक निजी शिकायत थी। न ही कोर्ट से कोई समन जारी किया गया है और न ही किसी अदालत ने इस पर संज्ञान लिया है। इसलिए नामांकन में इसकी जानकारी देना जरूरी नहीं था और न ही फॉर्म में ऐसा कोई कॉलम था जिसमें नोटिस संबंधी जानकारी भरी जाती।
मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन रद्द के इस फैसले पर भारतीय चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 12 जून को सुप्रीम कोर्ट ने नटराजन की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि ऐसे विवाद का उचित कानूनी उपाय चुनाव परिणाम के बाद इलेक्शन पिटीशन दाखिल करना है।
Updated on:
07 Jul 2026 09:32 am
Published on:
07 Jul 2026 09:32 am
