
भोपाल. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कोरोना का कहर दिन ब दिन कम होता जा रहा है। लेकिन वास्तविकता कुछ ओर भी बयां करती है। पिछले कई दिनों से कोरोना सैंपलिंग करने वाली टीमें मैदान में ही नहीं पहुंच रही है, वहीं नाम मात्र की टीम पहुंच भी रही है तो उसमें भी चिकित्सक का अभाव है, ऐसे में आंकड़ों में तो निश्चित ही कोरोना कम ही होगा।
टीमों ने कोई सैंपल नहीं लिया
शहर में कोरोना का खतरा अब कम हो रहा है। विभाग की मानें तो अब हर दिन दो से तीन मरीज ही मिल रहे हैं। मरीजों की संख्या अचानक कम होने के पीछे संक्रमण की कमी ही नहीं सैंपलिंग की टीम कम होना भी है। दो महीने पहले जहां हमीदिया और जेपी अस्पताल की 60 टीमें प्रतिदिन छह से सात हजार सैंपल ले रहीं थीं, वहीं अब पांच हजार से भी कम सैंपलों की जांच हो रही है। हमीदिया अस्पताल की दस टीम बीते एक पखवाड़े से घर बैठी हुई है। 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक इन टीमों ने कोई सैंपल नहीं लिया। 12 अक्टूबर से इनमें से महज तीन टीम ही काम कर रही हैं।
सैंपलिंग बंद करने का मिला ऑर्डर
विभागीय जानकारों की माने तो एक अक्टूबर को एक आदेश जारी हुआ था, जिसमें सैंपलिंग बंद करने को कहा गया था। इसके बाद हमीदिया अस्पताल की 10 टीमों में शामिल सभी 10 डॉक्टरों को हटा दिया गया। आदेश एक अक्टूबर को जारी हुआ लेकिन टीमों को 29 सितंबर से ही हटा दिया गया था।
बिना डॉक्टर के कर रही काम
जानकारी के मुताबिक हमीदिया अस्पताल से दस टीम हुजूर और बैरसिया क्षेत्र में हर दिन करीब 700 सैंपल ले रही थीं। हर टीम में एक डॉक्टर के साथ एक नर्स और एक टैक्नीशियन था। इन टीमों से डॉक्टर्स को हटा दिया गया है।
हमीदिया की टीमें आईं हैं, इनमें से तीन टीम हुजूर और बैरसिया क्षेत्र में जा रही हैं। फिलहाल हर रोज पांच हजार के आसपास सैंपल लिए जाते हैं।
डॉ. केके अग्रवाल, नोडल ऑफिसर, जेपी अस्पताल
हमीदिया अस्पताल से दस टीम हुजूर और बैरसिया क्षेत्र में सैंपलिंग के लिए जाती थीं। 28 सिंतबर के बाद सभी टीमों को जेपी शिफ्ट कर दिया गया है।
डॉ. अविनाश ठाकुर, नोडल ऑफिसर सैंपलिंग, हमी. अस्पताल