भाजपा के सत्ता विरोधी रुझान और कांग्रेस की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए प्रदेश में तीसरी ताकत सियासी जमीन टटोलने में जुट गई है।
भोपाल। भाजपा के सत्ता विरोधी रुझान और कांग्रेस की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए प्रदेश में तीसरी ताकत सियासी जमीन टटोलने में जुट गई है। बसपा प्रमुख मायावती और आम आदमी पार्टी संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नवंबर महीने में मध्यप्रदेश का दौरा इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
दोनों ही दलों के प्रमुख यहां रैली करने वाले हैं। आप संयोजक केजरीवाल पांच नवंबर को भोपाल पहुंच रहे हैं, तो बसपा प्रमुख मायावती २४ नवंबर को कार्यकर्ताओं के महासम्मेलन को संबोधित करेंगी। आप ने भेल के दशहरा मैदान में बड़ा आयोजन किया है, जिसे शंखनाद रैली नाम दिया गया है। इसके जरिए पार्टी सत्ता विरोधी रुझान की तपन को मापेगी और पार्टी की सियासी जमीन तैयार करेगी।
उधर बसपा प्रदेश में लंबे समय से तीसरी ताकत की धुरी रही है। पार्टी इस बार उत्तर प्रदेश चुनाव की हार से उबरने मप्र में किंगमेकर की भूमिका में आने की तैयारी कर रही है। विधायक सत्यराज सखवार के अनुसार लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यकर्ता महासम्मेलन को मायावती संबोधित करेंगी। इसमें कार्यकर्ता शामिल होंगे।
आप ने साधे नेता
आप ने संयोजक केजरीवाल की शंखनाद रैली को धमाकेदार बनाने भाजपा व कांग्रेस के कुछ नेताओं को साधने की कोशिश हैं। जिन्हें पार्टी मेंं लाने की तैयारी है। आप नेता दुष्यंत ने कहा, कुछ नेता संपर्क में हैं।
सपा में विश्राम
समाजवादी पार्टी में मचे घमासान से पार्टी की प्रदेश इकाई शांत है। सालभर से पार्टी ने मप्र में कोई बड़ा आयोजन नहीं किया है। विरोध प्रदर्शन सहित अन्य राजनीतिक गतिविधियां कुछ जिलों तक ही सीमित हैं।
नीतीश नए साल में
जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए साल में मप्र का रुख करेंगे। पहले उनका कार्यक्रम नवंबर में प्रस्तावित था, जिसे टाल दिया है। उनका प्रदेश दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। शरद यादव का गृह प्रदेश होने से वे आने से बचते रहे हैं और मोर्चा यादव के हाथ ही था। नीतीश का दौरा राजनीतिक रूप से काफी दिलचस्प होगा।