
जेपी जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की फर्श पर ही डिलेवरी हो गई। उसे लेबर रूम तक पहुंचाने के लिए व्हील चेयर तक नहीं मिली। ऐसे में उसका पति गोद में उठाकर ऊपरी माले पर स्थित लेबर रूम ले जा रहा था। उसी समय उसे तेज दर्द हुआ और फर्श पर बच्चे का जन्म हो गया। प्रीमेच्योर बेबी होने के चलते नवजात की मौत हो गई। वहीं जेपी अस्पताल में ही एक महिला की डिलेवरी टॉयलेट में हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जेपी अस्पताल में रविवार को पंचशील नगर निवासी सुजीता राठौर की डिलेवरी फर्श पर ही हो गई। उसके पति राजकुमार राठौर ने बताया कि मैं रविवार को दोपहर एक बजे अपनी पत्नी सुजीता को लेकर जेपी अस्पताल पहुंचा था। डॉक्टरों ने उसे लेबर रूम में भर्ती होने भेज दिया। पत्नी को लेबर रूम तक ले जाने के लिए न तो व्हील चेयर मिली और न ही स्ट्रेचर मिला। इसके बाद वह अपनी पत्नी को गोद में लेकर प्रथम तल स्थित लेबर रूम ले जाने लगे तो रास्ते में महिला को तेज दर्द होने लगा। दर्द से तड़पती पत्नी को राजकुमार ने फर्श पर लेटा दिया, और डॉक्टर व नर्स को बुलाने के लिए दौड़ा। लेकिन उस दौरान कोई भी वहां मौजूद नहीं था। इसी बीच सुजीता को ब्लीडिंग होने लगी और प्रसव हो गया।
बच्चे की हुई मौत
महिला का फर्श पर प्रसव होने के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इसके करीब 15 मिनट बाद ड्यूटी डॉक्टर शिखा गुप्ता वहां पहुंची। उन्होंने बताया कि समय से पहले प्रसव होने के कारण नवजात की मौत हो गई। महिला को 27 सप्ताह का गर्भ था।
टॉयलेट में हुई डिलेवरी
जेपी अस्पताल में ही एक महिला ने टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार भीम नगर निवासी सुमित्रा बाई को आशा कार्यकर्ता और उनकी सास जेपी अस्पताल लेकर पहुंची। नर्स ने आशा कार्यकर्ता से भर्ती के पर्चे बनवाने के लिए भेज दिया, महिला टायॅलेट के लिए बाथरूम में पहुंची, जहां उसे तेज दर्द हुआ। जब एक अन्य महिला सरोज बाई टॉयलेट करने गई तो उन्हें सुमित्रा जमीन पर पड़ी मिलीं, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना नर्सों को दी, इसके बाद महिला को वार्ड में शिफ्ट किया गया।
सीएमएचओ के सामने उजागर हुई लापरवाही
जब सुमित्रा का प्रसव टॉयलेट में हुआ तब सीएमएचओ डॉ. एनयू खान अस्पताल का राउंड ले रहे थे। उनके सामने ही यह घटना घटी। सीएमएचओ ने स्टॉफ नर्स और डॉक्टर को तुरंत बुलाया, तब तक अस्पताल अधीक्षक आईके चुघ भी मौके पर पहुंच चुके थे। डॉक्टरों ने महिला को टॉयलेट से उठाकर लेबर वार्ड में भर्ती कर दिया है। सीएमएचओ ने बताया कि महिला और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।
मैंने डॉक्टरों से जो जानकारी ली उसके अनुसार महिला को 27 हफ्ते का गर्भ था। यह प्रीमेच्योर बेबी की श्रेणी में आता है। फर्श पर डिलेवरी संबंधी मामले की जांच कराएंगे, आखिर कहां लापरवाही हुई। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आईके चुघ, अधीक्षक जेपी जिला अस्पताल