पूरे शहर को सता रहा डेंगू का डंक, मरीजों की संख्या के आधार पर अभी तक 20 इलाकों को किया चिंह्नित।
भोपाल। शहर में डेंगू के दंश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शहर में एेसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां डेंगू पीडि़त मरीज न हो, लेकिन सबसे ज्यादा संक्रमण शहर की पॉश कॉलोनियों में ही है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक शहर में अब तक करीब 250 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें से 150 से ज्यादा मरीज पॉश कॉलोनियों के हैं।
विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में साफ पानी के जमा होने, घरों में ज्यादा हरियाली होने के कारण यहां डेंगू का मच्छर ज्यादा पनप रहे हैं। डेंगू और चिकनगुनिया से ग्रस्त मरीजों की संख्या के आधार पर अभी तक 20 इलाकों को चिंह्नित किया गया है। भोपाल में सबसे ज्यादा मरीज वाले इलाके में साकेत नगर, नेहरू नगर,अरेरा कॉलोनी,चार इमली और कोलार क्षेत्र को शामिल किया गया है।
डेंगू के 16 नए मरीज मिले, 250 पहुंची संख्या :
सोमवार को हुई जांच में डेंगू के 16 नए मरीजों की पहचान की गई। इन मरीजों को मिलाकर शहर में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर अब 250 हो गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर जेसानी के मुताबिक मंगलवार को 35 मरीजों का रक्त परीक्षण किया गया जिसमें से 16 मरीजों में इसके बैक्टिरिया की पुष्टि हुई। इसके साथ ही चिकनगुनिया के भी तीन नए मरीज मिले। शहर में चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़कर अब 58 हो गई है।
स्पॉट फाइन कर वसूले 43 हजार :
भोपाल. नगर निगम राजधानी में लार्वा की जांच के लिए अभियान चला रहा है। निगम अमले ने सोमवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में कार्रवाई करते हुए करीब 43 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया। निगम प्रशासन ने मलेरिया विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर सभी जोनों में तीन सदस्यीय टीम तैनात की है।
ये टीमें अपने क्षेत्र के वार्डों में घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और फ ागिंग कराई जा रही है।
पॉश कॉलोनियों में ये हैं बीमारी की जड़ :
1. घरों में पानी जमा करना - कोलार क्षेत्र में पानी की समस्या के चलते लोग दो से तीन दिन का स्टॉक रखते हैं। लार्वा इसी में पनपते हैं।
2. ज्यादा हरियाली - अरेरा कॉलोनी और चार इमली क्षेत्रों में घरों में प्लांटेशन ज्यादा है। गमलों में कई दिन तक साफ पानी भरा रहता है।
3. जानवरों के बर्तनों में - पुराने शहर की अपेक्षा पॉश कॉलोनियों में लगभग हर घर में जानवर पाले जाते हैं। इनके बर्तनों में भी कई दिन तक पानी भरा रहता है।
4. चिडि़यों के लिए रखे गए बर्तन : लोग अपने घरों में चिडि़यों के लिए पानी का कटोरा रखते हैं, लेकिन कई दिन तक साफ नहीं करते।
5. खाली प्लाटों की संख्या ज्यादा: नए शहर में पुराने शहर के मुकाबले कहीं ज्यादा खाली प्लॉट हैं, यहां बारिश का पानी जमा होने के कारण डेंगू का कारण बनते हैं।
यहां मिले डेंगू के सबसे अधिक मरीज :
29 साकेत नगर, 23 कोलार, 22 नेहरू नगर, 20 चार इमली, 44 अरेरा कॉलोनी, 18 पुराना शहर, 18 आनंद नगर, 15 निशातपुरा, 13 बागसेवनिया, 12 अयोध्या नगर, 09 करोंद, 08 लालघाटी
यह है पूरे भोपाल की स्थिति :
250 डेंगू के मरीज
54 चिकनगुनिया
03 डेंगू से मौत
डेंगू से बचने के लिए ये अपनाएं उपाय:
1. घर के अंदर और आस पड़ोस में पानी जमा न होने दें।
2. नीम की पत्तियों का धुंआ घर में फैलायें।
3. पानी के सभी बर्तन को खुला न रखें।
4. किचन और वाशरूम को सूखा रखें।
5. कूलर का पानी सुबह-शाम बदलते रहें।
6. खिड़कियों और दरवाज़ों में जाली लगवायें।
7. शरीर पर मच्छर को दूर रखने वाली क्रीम लगायें।
8. शरीर पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें।
9. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
10. घर के आस पास मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करवायें।
11. दिन और रात के समय नियमित रूप से मच्छर-नाशकों का प्रयोग करें।
12. सुनिश्चित करें कि घर के दरवाजे और खिड़कियों की जालियां फटी हुई न हों।
13. यदि घर में कोई डेंगू से पीड़ित है, तो सुनिश्चित करें कि उन्हें या घर के किसी अन्य सदस्य को मच्छर न काटे।
14. कचरे के डिब्बे को हमेशा ढककर रखें।
15. स्वास्थ्य कार्यकर्ता आने पर सहयोग करें, ताकि वह लार्वा रोधी कार्य पायरेथम तथा टेमीफॉस का स्प्रे कर सकें।
प्राकृतिक उपाय:
1. मच्छरों को दूर रखने का एक प्राकृतिक उपाय है अपने घर की खिड़कियों के पास तुलसी के पौधे लगाना। यह मच्छरों को पनपने से रोकते हैं।
2. मच्छर भगाने का एक और अदभुत तरीका है कपूर का प्रयोग। अपने कमरे की खिड़कियां और दरवाज़ों को बंद करके कपूर जलाएं। 15—20 मिनट तक कमरे को बंद रहने दें।
3. घर के खिड़कियों और दरवाजे पर तुलसी का पौधा लगाए। इस कारण मच्छर आपके घर में नहीं घुसेंगे।