
भोपाल. मध्यप्रदेश में अधिकांश जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है. अल्पवर्षा के कारण फसलें नष्ट होने की कगार पर हैं और इधर बरसात के मौसम के ढलान पर आने के संकेत दिखाई देने लगे हैं। राजधानी भोपाल में सोमवार को सीजन का पहला कोहरा पड़ा। इसी बीच शहर एवं आसपास के अनेक स्थानों पर कांस फूले दिखाई देने लगे हैं। इन दोनों घटनाओं यानि कोहरा पड़ने और कांस के फूलने का बारिश से सीधा संबंध बताया जाता है.
कोहरा पड़ने को जहां बरसात के कमजोर होने और शरद ऋतु के आगमन के रूप में मान्य किया जाता है, वहीं लोक मान्यताओं के अनुसार कांस के फूल आने के साथ बरसात बूढ़ी हो जाती है। सोमवार को पड़ा पहला कोहरा ही इतना घना था कि दृश्यता गिरकर 50 मीटर तक चली गई थी। शहर में सुबह 5.30 बजे दृश्यता 100 मीटर दर्ज की गई जोकि 5.30 बजे घटकर 50 मीटर आ गई।
गौरतलब है कि एक हजार मीटर से कम दृश्यता को धुंध से कोहरे में गिना जाता है, वहीं १०० मीटर के नीचे घना कोहरा माना जाता है। न्यूनतम पारा २२.६ डिग्री रहा। दिन का अधिकतम तापमान ३१.२ डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। सुबह से बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर बूंदा-बांदी भी हुई लेकिन तेज बौछारें दर्ज नहीं की गई। फिर आसमान खुला और धूप तपी। दोपहर में कुछ जगहों पर बादल छाए।
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हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां अभी नहीं थमेगी. सोमवार को ही खाड़ी में नया सिस्टम बना है, ऐसे में वर्षा भले ही पीक मानसून की तरह बेहद तेजी से न हो, लेकिन इसकी गतिविधियां थमने का सवाल पैदा नहीं होता। मौसम विभाग ने मंगलवार को गरज-चमक व कहीं-कहीं बौछारें पडऩे का अनुमान व्यक्त किया है।