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तबादलों का असर, एमपी के सरकारी अफसरों को गंभीर बीमारियां, डॉक्टर्स बता रहे लंबा बेड रेस्ट!

MP Transfer: मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर हुए तबादलों का दिखा असर, ट्रांसफर के बाद जॉइनिंग के बजाय अस्पताल पहुंच रहे अफसर और कर्मचारी, गंभीर बीमारियों के लिए लंबे बेड रेस्ट का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने लगी भीड़
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MP Transfer health certificate

MP Transfer health certificate: नई पॉलिसी के तहत एमपी में सरकारी अफसर और कर्मचारी क तबादला रुकवाने ले रहे हेल्थ सर्टिफिकेट का सहारा। (photo: AI)

MP Transfer: बड़े पैमाने पर हुए तबादलों के बाद अस्पतालों में एक नया ट्रेंड सामने आया है। नई जगह ज्वाइन करने के बजाय बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी खुद को गंभीर बीमारियों से पीड़ित बताकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने अस्पतालों में आ रहे हैं।

राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल, जय प्रकाश जिला चिकित्सालय (जेपी) और अन्य सरकारी अस्पतालों के मेडिकल बोर्ड पर ऐसे मामलों का दबाव बढ़ गया है। ये अफसर और कर्मचारी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंच रहे हैं, ताकि ट्रांसफर रुकवा सकें। सबसे ज्यादा मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की मांग जिन बीमारियों को लेकर की जा रही है, वे गंभीर हैं। इनमें साइटिका, स्लिप डिस्क, हृदय रोग, मानसिक तनाव और रीढ़ की गंभीर बीमारी के नाम पर किए जा रहे हैं। शासन संदिग्ध मेडिकल सर्टिफिकेट की दोबारा जांच कराने की तैयारी में है।

केस 1: लोक निर्माण विभाग के एक कर्मचारी का हाल ही में दूसरे जिले में तबादला हुआ। उन्होंने जयप्रकाश अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से साइटिका का हवाला देकर लंबा बेड रेस्ट की सलाह देने की मांग की।

केस 2: अधिकारी ने नई पोस्टिंग पर जाने से पहले गंभीर हृदय रोग का हवाला देते हुए हमीदिया में मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की। पर्याप्त चिकित्सकीय आधार नहीं मिलने पर तत्काल प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।

केस 3: स्वास्थ्य विभाग की एक महिला कर्मचारी ने मानसिक तनाव और अवसाद का हवाला देकर अनफिट घोषित करने का अनुरोध किया। मेडिकल बोर्ड ने मनोचिकित्सक से विस्तृत मूल्यांकन कराने के बाद ही निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू की।

शासन की नजर, री-मेडिकल की तैयारी

सूत्रों के अनुसार सरकार को बड़ी संख्या में मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर तबादले टालने की जानकारी मिल चुकी है। अब संदिग्ध मामलों में दोबारा चिकित्सकीय परीक्षण (री-मेडिकल) कराने की तैयारी की जा रही है। यदि कोई प्रमाणपत्र गलत या फर्जी पाया गया तो संबंधित कर्मचारी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

इन बीमारियों का ले रहे सहारा

- साइटिका

- स्लिप डिस्क

- रीढ़ की गंभीर बीमारी

- गंभीर हृदय रोग

- मानसिक तनाव/डिप्रेशन

'लंबे बेड रेस्ट' वाली बीमारियों का ले रहें हैं सहारा

डॉक्टरों के अनुसार सबसे अधिक आवेदन उन बीमारियों के नाम पर आ रहे हैं, जिनमें लंबे बेड रेस्ट की एडवाइज दी जाती है। इनमें साइटिका, स्लिप डिस्क, गंभीर हृदय रोग, मानसिक तनाव और रीढ़ की समस्याएं प्रमुख हैं।