प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा
भोपाल. आयकर विभाग अब ऐसे आयकरदाताओं पर शिकंजा कसने जा रहा है जिनका प्रकरण अपील में चला गया था, और वहां से वे केश हार गए है। विभाग को उम्मीद है कि इससे टैक्स वसूलने में आसानी होगी। इसी प्रकार जो कंपनियां बंद हो गई है, या उनके कर्ताधर्ता टैक्स जमा करने से बच रहे हैं, ऐसी कंपनियों के डायरेक्टरों से टैक्स की वसूली होगी। इसके लिए विभाग लिस्ट तैयार कर रहा है। बकायादारों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
यह सख्त निर्णय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय कुमार चौहान ने लिया है। गुरुवार को मीडिया से चर्चा करते हुए विभाग की स्ट्रेटजी का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि पुराने मामलों से रिकवरी करने की विभाग की तैयारी हो गई है। जो पुराने डिफाल्टर है और जानबूझकर टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी डायरेक्टरों पर नजर
चौहान ने कहा कि कई कंपनियां/फर्म या तो बंद हो गई है या उनके संचालकों द्वारा टैक्स जमा नहीं किया जा रहा है, ऐसी कंपनियों के डिफाल्टर डायरेक्टरों से कर वसूली की जाएगी। किसी डायरेक्टर के निधन होने पर भी वसूली की जाएगी, इस पर उन्होंने इनकार किया। जो कंपनियां रजिस्टर्ड है, उनकी जानकारी रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी से मंगाई जा रही है। ताकि पता चल सकें कि कितनी कंपनियां अपने टर्नओवर के हिसाब से टैक्स दे रही है और कितनी टैक्स की चोरी कर रही है। चौहान ने कहा कि इसके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट, एडवोकेट, ट्रेड, एसोसिएशन आदि से भी बैठके कर रहे हैं।
नये करदाता जोड़े
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा कि चालू वर्ष में नए आयकरदाताओं की संख्या में खासी वृद्घि हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग को 6,85,651 नए करदाता जोडऩे का लक्ष्य मिला है, उसकी जगह अभी तक 5,83,000 से अधिक करदाता जुड़ गए है। इस तरह 85 प्रतिशत करदाता जुड़ गए है। जो 15 फीसदी बचे हैं, उन्हेें भी टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
लक्ष्य पूरा करने की उम्मीद
चौहान ने बताया कि विभाग को 25,455 करोड़ का लक्ष्य मिला है, उसके एवज में अब तक 15,437 करोड़ रुपए टैक्स आया है जो गत वर्ष की तुलना में 14.6 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-नवंबर तक जो ग्रोथ रेट 9.2 प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर 14.6 प्रतिशत परप्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा
अपील में केश हारने वालों पर आयकर विभाग कसेगा शिकंजा
आयकर विभाग अब ऐसे आयकरदाताओं पर शिकंजा कसने जा रहा है जिनका प्रकरण अपील में चला गया था, और वहां से वे केश हार गए है। विभाग को उम्मीद है कि इससे टैक्स वसूलने में आसानी होगी। इसी प्रकार जो कंपनियां बंद हो गई है, या उनके कर्ताधर्ता टैक्स जमा करने से बच रहे हैं, ऐसी कंपनियों के डायरेक्टरों से टैक्स की वसूली होगी। इसके लिए विभाग लिस्ट तैयार कर रहा है। बकायादारों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
यह सख्त निर्णय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय कुमार चौहान ने लिया है। गुरुवार को मीडिया से चर्चा करते हुए विभाग की स्ट्रेटजी का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि पुराने मामलों से रिकवरी करने की विभाग की तैयारी हो गई है। जो पुराने डिफाल्टर है और जानबूझकर टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी डायरेक्टरों पर नजर
चौहान ने कहा कि कई कंपनियां/फर्म या तो बंद हो गई है या उनके संचालकों द्वारा टैक्स जमा नहीं किया जा रहा है, ऐसी कंपनियों के डिफाल्टर डायरेक्टरों से कर वसूली की जाएगी। किसी डायरेक्टर के निधन होने पर भी वसूली की जाएगी, इस पर उन्होंने इनकार किया। जो कंपनियां रजिस्टर्ड है, उनकी जानकारी रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी से मंगाई जा रही है। ताकि पता चल सकें कि कितनी कंपनियां अपने टर्नओवर के हिसाब से टैक्स दे रही है और कितनी टैक्स की चोरी कर रही है। चौहान ने कहा कि इसके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट, एडवोकेट, ट्रेड, एसोसिएशन आदि से भी बैठके कर रहे हैं।
नये करदाता जोड़े
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा कि चालू वर्ष में नए आयकरदाताओं की संख्या में खासी वृद्घि हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग को 6,85,651 नए करदाता जोडऩे का लक्ष्य मिला है, उसकी जगह अभी तक 5,83,000 से अधिक करदाता जुड़ गए है। इस तरह 85 प्रतिशत करदाता जुड़ गए है। जो 15 फीसदी बचे हैं, उन्हेें भी टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
लक्ष्य पूरा करने की उम्मीद
चौहान ने बताया कि विभाग को 25,455 करोड़ का लक्ष्य मिला है, उसके एवज में अब तक 15,437 करोड़ रुपए टैक्स आया है जो गत वर्ष की तुलना में 14.6 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-नवंबर तक जो ग्रोथ रेट 9.2 प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर 14.6 प्रतिशत पर ले आए है। जबकि नेशनल ग्रोथ रेट 13 प्रतिशत ही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले ढाई माह के लिए जो स्टे्रटजी बनाई है, उससे लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। ले आए है। जबकि नेशनल ग्रोथ रेट 13 प्रतिशत ही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले ढाई माह के लिए जो स्टे्रटजी बनाई है, उससे लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा।