
भोपाल. सोमवार देर रात राजधानी भोपाल में चुनाव के दौरान आरएसएस (संघ) कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को हटा दिया। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार के इस फैसले को गलत बताया है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा- भोपाल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाना बिल्कुल उचित नहीं है। मैं मुख्यमंत्री कमल नाथ जी से अनुरोध करता हूं कि तत्काल पुन: पर्याप्त सुरक्षा देने के आदेश दें। बता दें कि इस बार भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
क्या है मामला
राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित संघ कार्यालय समिधा के बाहर से सोमवार रात सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एसएएफ के जवानों को हटा लिया गया था। सुरक्षा के लिए लगाया गया जवानों का कैंप हटा लिया गया है। इससे गुस्साए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कांग्रेस को चेतावनी दे दी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सुरक्षा व्यवस्था हटाने का फैसला चुनाव ड्यूटी में पुलिस बल की कमी को देखते हुए लिया गया है। वहीं, संघ पदाधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था हटाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। भोपाल के अरेरा कॉलोनी में संघ का कार्यालय समिधा है। बीजेपी सरकार में संघ कार्यालय के बाहर कुछ संदिग्ध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था लगाने का फैसला किया था।
गोपाल भार्गव ने दी चेतावनी
भोपाल स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय से सुरक्षा का हटाया जाने पर नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा- कमलनाथ का बेहद ही निंदनीय कदम है। मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा शायद फिर किसी हमले की योजना बनाई गई है। अगर किसी स्वयंसेवक को खरोंच भी आई तो कांग्रेस सरकार की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।
संघ का मुझसे बैर क्यों
हाल ही में दिग्विजय सिंह ने कहा था- स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से उनका कोई विवाद नहीं है और संघ यदि हिन्दुओं का संगठन है तो वह भी हिन्दू हैं फिर उनसे बैर क्यों। दिग्विजय सिंह ने कहा था यह अगर हिन्दुओं का संगठन है तो दिग्विजय सिंह भी हिन्दू है। फिर मुझसे बैर क्यों भाई। आरएसएस कोई राजनीतिक संगठन तो है नहीं। आप (आरएसएस) स्वयं कहते हैं कि यह सांस्कृतिक संगठन हैं। आरएसएस कोई रजिस्टर्ड बॉडी भी नहीं है। राजनीतिक दल भी नहीं है। फिर क्यों नाराज होते हो भाई।
संघ को कहा था आतंकी संगठन
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस पर को लेकर अक्सर विवादित बयान दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि हिंदू या भगवा नहीं संघी आतंकवाद है। इससे पहले भी दिग्विजय सिंह ने संघ को आतंकियों से जोड़ते हुए बयान दिया था। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि किसी भी आतंकी घटना में अगर हिंदू व्यक्ति पकड़े गए हैं तो वो कभी न कभी संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। महात्मा गांधी के हत्या करने वाला नाथूराम गोडसे भी आरएसएस का सदस्य रहा। इसके बाद अमेरिकी एजेंसी सीआईए द्वारा बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद को उग्र दल और आरएसएस को राष्ट्रवादी संगठन बताए जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा था कि आरएसएस कोई संगठन नहीं है। इसका कहीं भी पंजीकरण नहीं है।