
loneliness in childhood in India: WHO की एक रिपोर्ट के बाद भारत के बच्चों और युवाओं की भी चिंता, मनोचिकित्सकों के पास बढ़ने लगे हैं अकेलेपन से परेशान भारतीय किशोर और युवा। (photo: AI Generated)
Loneliness in childhood to youth:''अक्सर रात के 12 बजे के बाद भी मुझे मोबाइल स्क्रीन छोड़ने का मन नहीं करता। मेरे यू ट्यूब चैनल पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। मैं कई व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ी हूं। मेरे कई फ्रेंड्स हैं। लेकिन जब कभी उदास होती हूं और मन भारी होता है, तो मुझे मेरे आसपास या ऑनलाइन कोई ऐसा नहीं दिखता जिससे मैं खुलकर दो बातें कर सकूं। पूरी ईमानदारी से खुद को एक्सप्रेस कर सकूं, ऐसा कोई इंसान मेरी लाइफ में नहीं है।''
पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special News
ट्रेंडिंग
