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मम्मी-पापा व्यस्त, दोस्त ऑनलाइन और कमरा खामोश…क्या बच्चों को बचपन से मिल रहा अकेलापन?

Loneliness in childhood: WHO की 2025-26 की एक रिपोर्ट में डिजिटल के साथ ही रियल लाइफ में जीने वाले किशोर और युवाओं में बढ़ रहा अकेलापन, अकेलेपन के कारण दुनियाभर में हर साल 8.70 लाख लोगों की हो जाती है असमय मौत, अकेलेपन की दुनिया और सेहत का ये खतरा भारत के लिए भी हो सकता है अहम मुद्दा। यहां के बच्चों की स्थिति भी भयावह सवाल उठना बनता है, क्या बचपन से ही अकेलापन लेकर जी रहे हैं भारतीय बच्चे?
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loneliness in childhood

loneliness in childhood in India: WHO की एक रिपोर्ट के बाद भारत के बच्चों और युवाओं की भी चिंता, मनोचिकित्सकों के पास बढ़ने लगे हैं अकेलेपन से परेशान भारतीय किशोर और युवा। (photo: AI Generated)

Loneliness in childhood to youth:''अक्सर रात के 12 बजे के बाद भी मुझे मोबाइल स्क्रीन छोड़ने का मन नहीं करता। मेरे यू ट्यूब चैनल पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। मैं कई व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ी हूं। मेरे कई फ्रेंड्स हैं। लेकिन जब कभी उदास होती हूं और मन भारी होता है, तो मुझे मेरे आसपास या ऑनलाइन कोई ऐसा नहीं दिखता जिससे मैं खुलकर दो बातें कर सकूं। पूरी ईमानदारी से खुद को एक्सप्रेस कर सकूं, ऐसा कोई इंसान मेरी लाइफ में नहीं है।''

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